संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के नाम पर पूरे यूपी में बांटी गईं डिग्रियां
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किशनी क्षेत्र की एक जिला पंचायत सदस्य ने टीईटी का फर्जी अंकपत्र लगाकर बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल में नौकरी प्राप्त कर ली। मामले का खुलासा होने पर प्रभारी बीएसए ने मामले की जांच शुरू कर दी। यही नहीं नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने के लिए कहा लेकिन 13 दिन बाद भी आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया है। प्रभारी बीएसए का कहना है कि जवाब नहीं आता है तो वेतन रोक दिया जाएगा।
किशनी क्षेत्र के एडेड स्कूल गौतम बुद्ध जूनियर हाईस्कूल नगला झबरा में विजेता यादव प्रधानाध्यापिका हैं वह जिला पंचायत सदस्य भी हैं। उनकी नियुक्ति पिछले वर्ष जून में हुई थी। आरोप है कि उन्होंने टीईटी के फर्जी अंकतालिका लगाकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त कर ली। इसकी शिकायत पिछले दिनों शिवराज सिंह यादव निवासी मैनपुरी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 17 जून को उक्त प्रधानाध्यापिका को नोटिस जारी कर तीन दिन में टीईटी का अंकपत्र और अन्य प्रमाण पत्र पेश करने के निर्देश दिए। नोटिस जारी होने के 13 दिन बाद भी प्रधानाध्यापिका ने कोई जवाब नहीं दिया है। इस संबंध में प्रभारी बीएसए भारती शाक्य का कहना है कि शिकायत के आधार पर उक्त प्रधानाध्यापिका के प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले हैं। उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया था। अब तक जवाब नहीं आया है। यदि दो एक दिन में जवाब नहीं आता है तो वेतन रोक दिया जाएगा।
जांच में 11 के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी निकलने
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में कुल 11 शिक्षकों के टीईटी के अंकपत्र फर्जी निकले हैं। आनलाइन जांच में इसका खुलासा हुआ है। ऐसे में उक्त प्रधानाध्यापिका का टीईटी अंकपत्र के फर्जी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।