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UP: पिटाई से आहत युवक ने उठाया ऐसा कदम, पुलिस के लिए बन गया सिरदर्द; घंटों जाम में फंसे रहे वाहन

Tue, 07 Jan 2025 10:21 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

युवक की माैत से गुस्साई भीड़ ने मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर करीमगंज में शव को सड़क पर रख चार घंटे तक प्रदर्शन किया। परिजनों की मांग थी कि पिटाई करने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार की आर्थिक मदद की जाए।
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लोगों को समझाती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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किशनी थाना क्षेत्र के गांव रामनगर में मिष्ठान विक्रेता के यहां कार्यरत युवक धन सिंह की मौत के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। परिजन और समर्थकों ने मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर करीमगंज में शव को सड़क पर रख चार घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की भी कर दी। नौबत लाठीचार्ज की आ गई। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला। परिजन मुआवजा, जमीन, सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर भी अड़ गए। 
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मिठाई की दुकान पर करता था काम
थाना किशनी के ग्राम अलीपुर निवासी 20 वर्षीय धन सिंह उर्फ बाबा पुत्र राजेश सक्सेना रामनगर स्थित राकेश गुप्ता की मिठाई की दुकान पर काम करता था। उन्हीं के घर रहता था। सोमवार सुबह उसका शव दुकान के भीतर लगे कुंडे में फंदे से लटका मिला। मृतक की मां गीता ने आरोप लगाया कि बेटे के काम की एवज में चार लाख रुपये का भुगतान राकेश गुप्ता पर बाकी था। रुपये मांगने पर राकेश गुप्ता पिटाई करता था। 2 जनवरी को राकेश गुप्ता उनके पुत्र गुड्डू गुप्ता, गौरव गुप्ता, पप्पी गुप्ता ने फोन कर बेटे धन सिंह उर्फ बाबा को बुलाया था।

 
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बेटे की पिटाई की
 5 जनवरी को आरोपियों ने बेटे की पिटाई की। अपनी दुकान के अंदर बंद कर दिया, जिससे तंग बेटे ने अंदर लगे पंखे पर मफलर का फंदा लगाया और उससे लटककर अपनी जान दे दी। पुलिस ने सोमवार को मुकदमा दर्ज करने के बाद शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजन गांव ले गए। वहां से उन्होंने शव वापस जिला मुख्यालय लाकर प्रदर्शन की तैयारी कर ली। शव लेकर गांव से चले तो पुलिस ने बिछवां थाना क्षेत्र के गांव करीमगंज पर रोक लिया। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। यह प्रकरण दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ।
 

पुलिस से हुई नोकझोंक
काफी देर पुलिस से नोकझोंक हुई। परिजन ने मांग रखी की, शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। मुआवजा दिया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार के नाम ग्राम पंचायत की जमीन की जाए। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। बात बढ़ती गई और मृतक पक्ष के लोगों की पुलिस से नोकझोंक होने के साथ ही धक्का-मुक्की हो गई। सीओ सिटी ने मौके पर अन्य थानों का फोर्स बुला लिया। एसडीएम अभिषेक कुमार भी पहुंच गए।
 

गाड़ी के आगे लेट गए परिजन
पुलिस ने शव रखी गाड़ी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। परिजन गाड़ी के आगे के आगे लेट गए। कुछ लोगों ने शव को गाड़ी से उतारकर सड़क पर रख दिया। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 4.30 बजे तक यह पूरा घटनाक्रम चला। अधिकारियों के काफी समझाने के बाद लोग शांत हुए और शव लेकर वापस गांव गए।

सीओ से धक्का-मुक्की के बाद बने लाठीचार्ज के हालात
सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह से आक्रोशित परिजन और उनके पक्ष के लोगों ने धक्का-मुक्की कर दी। इस पर पुलिस बल भी आक्रोशित हो गया। हालात लाठीचार्ज के बन गए। हालांकि सीओ और एसडीएम ने मौके पर संयम बरता और लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से समझाते रहे।

इन थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा
शहर कोतवाली, कुरावली, किशनी, बेवर, महिला थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया।

 
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महिलाओं ने संभाला मोर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मृतक पक्ष की महिलाएं पुलिस के लिए चुनौती बन गई। भावनाओं में बहकर रोती हुई महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू करते हुए मोर्चा संभाल लिया। पुलिस इनको समझाने का प्रयास करती तो यह पुलिस को अपशब्द कहने लगतीं। महिला थाना पुलिस ने इनको काफी समझाने का प्रयास किया।

मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर चार घंटे से अधिक लगा जाम
मैनपुरी-कुरावली मार्ग इस घटनाक्रम के चलते जाम हो गया। प्रदर्शनकारियों ने बड़े वाहन तो दूर छोटे वाहनों को भी वहां से गुजरने नहीं दिया। लोग जाम में जहां के तहां फंसे रहे। वाहन चालकों में डर का माहौल भी था कि कहीं आक्रोशित भीड़ उनके वाहनों में तोड़फोड़ न कर दें। एसपी विनोद कुमार ने कहा कि पुलिस पर पीड़ित परिवार विश्वास रखे। निष्पक्ष रूप से मुकदमे की जांच होगी। आक्रोशित लोगों को पुलिस ने समझाकर शांत किया।




 
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