फोटो 22- मरम्मत के इंतजार में मैनपुरी-औंछा मार्ग की सड़क पर हुए गड्ढे। संवाद
मैनपुरी। तारकोल के दाम में हुई वृद्धि का असर सड़कों के निर्माण पर भी पड़ रहा है। जिले में लोक निर्माण विभाग के 150 करोड़ के काम ठप हो गए हैं। ठेकेदारों ने पूर्व में जारी टेंडर में नई दरों को जोड़ने की मांग की है। वहीं अधिकारी भी नवीन शासनादेश का इंतजार कर रहे हैं।एक माह पूर्व जिले में करीब 250 करोड़ रुपये की धनराशि से 103 सड़कों के टेंडर जारी किए गए थे। उस समय तारकोल की कीमत 40 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन थी जो अब बढ़कर 82 हजार रुपये से भी अधिक हो गई है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड और निर्माण खंड प्रथम की तरफ से 250 करोड़ से 103 सड़कों की मरम्मत प्रस्तावित है। इन सड़कों की कुल लंबाई 266 किमी है। कीमतें बढ़ने की वजह से ठेकेदारों ने काम से हाथ खड़े कर दिए हैं। जिन ठेकेदारों ने पहले ही तारकोल खरीद लिया था उन्होंने तो काम शुरू करा दिया है लेकिन जिन्होंने तारकोल नहीं खरीदा था वे काम शुरू नहीं करवा सके हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 150 करोड़ रुपये की लागत बनने वाली प्रस्तावित 50 सड़कों का कार्य ठप पड़ा हुआ है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एक तरफ ठेकेदारों पर काम जल्द शुरू कराने का दबाव बना रहे हैं। वहीं उनको राहत देने के लिए शासन को पत्र भेजकर मार्गदर्शन भी मांग रहे हैं। उनको उम्मीद है कि जल्दी ही ठेकेदारों को बढ़ाकर भुगतान करने की स्वीकृति मिल जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर नवीन शासनादेश जारी होने की बात कही जा रही है।