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UP: नरेंद्र हत्याकांड...महिला व उसके प्रेमी को फांसी, बेल्टों से पीटकर की थी हत्या; वीडियो बना गले की फांस

Tue, 18 Mar 2025 05:18 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

करहल के गांव नानमई में मई, 2024 में नरेंद्र की लाश मिली थी। पुलिस ने तफ्तीश के दाैरान हत्या के आरोप में एक महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
 
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कोर्ट के फैसले के बाद नरेंद्र के घर पर बैठे परिवन व मनू देवी के घर पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मैनपुरी के करहल के गांव नानमई में 5 मई 2024 को हुई राउरी चमरपुरा के रहने वाले नरेंद्र कुमार की हत्या में एडीजे-4 जहेंद्र पाल की कोर्ट ने मंगलवार को एक महिला और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। वहीं, इस वारदात में उनका सहयोग करने के आरोप में पुलिस द्वारा मुल्जिम बनाए ऋषि को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। 
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वाक्या 5 मई 2024 का है। गांव राउरी चमरपुरा के नरेंद्र कुमार को एक बर्थडे पार्टी के बहाने षड्यंत्र के तहत नानमई की मनू देवी ने बुलाया था। नरेंद्र कुमार संपन्न परिवार से थे। हत्या से करीब चार साल पहले गांव नानमई की शादीशुदा मनू देवी ने उन्हें प्रेमजाल में फंसा लिया था। 

 

दोनों के बीच रुपये का लेनदेन भी होता था। इस बीच मनू देवी के दूसरे प्रेमी अभय उर्फ भूरा निवासी गांव गढ़िया को ये संबंध नागवार गुजर रहे थे। इसी के चलते मनू देवी ने अपने प्रेमी अभय उर्फ भूरा के साथ मिलकर नरेंद्र की बेल्टों से पिटाई कर हत्या कर दी थी। 

 

नरेंद्र का शव 6 मई को गांव नानमई के पास तालाब किनारे मिला था। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। बाइक और मोबाइल फोन भी घटनास्थल से कुछ दूर मिले थे। पुलिस ने ऋषि कुमार निवासी मोहल्ला काजी पश्चिमी को भी गिरफ्तार किया था। 

 

ऋषि कुमार पर हत्या में सहयोगी होने का आरोप था। अभियोजन की ओर से कोर्ट में साक्ष्यों और गवाहों को पेश किया गया। कोर्ट ने इनके आधार पर मनू देवी, अभय उर्फ भूरा को पांच मार्च को दोषी करार दिया था। ऋषि कुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने के चलते उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया था। मंगलवार को मनू देवी और अभय उर्फ भूरा की सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। इनको कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।

 

आरोपियों का मोबाइल ही बना उनके लिए सजा का आधार
मनू देवी ने नरेंद्र की हत्या की बेल्टों से पिटाई और हत्या का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया था। यह वीडियो पुलिस के हाथ लग गया था। कोर्ट में वीडियो ही मुख्य साक्ष्य के तौर पर अभियोजन पक्ष के काम आया। इस वीडियो में मनू देवी खुद पांच लाख रुपये की मांग नरेंद्र से करती हुई दिख रही थी। इसी वीडियो ने इनको फांसी के तख्त तक पहुंचा दिया।

 
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नशा कराने के बाद की गई थी हत्या
नरेंद्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दावा किया था कि उनकी पड़ताल में सामने आया है कि मनू देवी ने घटना वाली रात प्रेमी अभय उर्फ भूरा के साथ योजनाबद्ध तरीके से नरेंद्र को घर पर बुलाया था। वहां पर शराब का दौर चला। देर रात जब नरेंद्र अधिक नशे में हो गया तो उसने, अभय और ऋषि ने डंडों से पीटकर नरेंद्र की हत्या कर दी। शव को घर से करीब 500 मीटर दूर डाल दिया। मृतक की बाइक और मोबाइल फोन नगला प्रेमी बंबा के पास फेंक दिया था।
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