पाक रमजान माह शुक्रवार से शुरू हो रहा है। जुमे को पहला रोजा पड़ने से रोजेदारों का उत्साह और भी बढ़ गया है। मुस्लिम धर्म में 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए पाक रमजान माह में रोजा रखना आवश्यक बताया गया है। रमजान को लेकर मुस्लिम लोगों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक बढ़ गई है। गुरुवार को पूरे दिन रोजेदार रमजान माह के लिए की जाने वाली आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। रोजा रखने वालों में युवा, वृद्ध, महिलाएं ही नहीं छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल होंगे। शुक्रवार को पाक रमजान माह के पहले दिन से ही सुबह तीन बजे से मस्जिदों से लाउडस्पीकर से सहरी की आवाज बुलंद होनी शुरू हो जाएगी।
रमजान माह पर मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोजेदार उमड़ेंगे। रमजान को देखते हुए मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इफ्तार के लिए मुस्लिम बहुल इलाकों में खजूर, सिवईं, मठरी, डबलरोटी और फलों की दुकानें सज गईं हैं।
अल्लाह की बरसेगी रहमत और बरकत
खानकाहे रशीदिया में पाक रमजान माह के संबंध में आयोजित महफिल में रमजान की अहमियत पर चर्चा की गई। सज्जादा नशीन अब्दुर्रहमान खां चिश्ती बबलू मियां ने कहा कि रहमत, बरकत, इज्जत वाला रमजान माह सभी को मुबारक हो। अल्लाह का कितना बड़ा अहसान है कि उसने हमें ऐसा महीना अता फरमाया है जिसमें एक नेक काम करने पर 70 गुना पुण्य मिलता है। रमजान माह हमें घर-घर आकर अल्लाह की रहमत और बरकत से मालामाल करता है। इस पाक माह में ज्यादा से ज्यादा गरीबों को खैरात दें और इफ्तार में गरीबों को खासतौर से दावत दें।
बिजली, सफाई और पानी की व्यवस्था हो सुचारु
खानकाहे रशीदिया के सज्जादानशीन अब्दुर्रहमान खां चिश्ती उर्फ बबलू मियां और मौलाना अहमद नईमी ने डीएम से पाक रमजान के माह में बिजली, पानी, सुरक्षा और सफाई की समुचित व्यवस्था कराए जाने की मांग की है। बबलू मियां ने डीएम से कहा है कि सुबह तड़के तीन बजे से सहरी का लाउडस्पीकरों से उद्घोष किया जाएगा और रोजेदार मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे। वहीं शाम को इफ्तार के बाद रात करीब 11 बजे तक तरावीह पढ़ीं जाएंगी। ऐसे में सुबह तीन बजे से आठ बजे तक और शाम को पांच बजे से रात 12 बजे तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। रमजान माह में पीने के पानी और मस्जिदों के आसपास सफाई आदि की व्यवस्था सुचारु कराई जाए।