खेतों में गेहूं काटने नहीं पहुंचे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि के खेतों में बुधवार को कोई कर्मचारी गेहूं की फसल काटने नहीं पहुंचा। जबकि यहां पर करीब एक दर्जन से अधिक कर्मचारी नेताजी के गेहूं काट रहे थे। यह स्थिति अमर उजाला में प्रमुखता से खबर छपने के बाद पैदा हुई। इस संबंध में ईओ रामपाल का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। आरोपों की पुष्टि हुई तो शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि अमल उजाला ने बुधवार के अंक में ‘कर्मचारी काट रहे चेयरमैन के खेतों में गेहूं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें खुलासा किया गया था कि चेयरमैन प्रतिनिधि अपने खेतों के गेहूं नगर पंचायत के संविदा कर्मियों से कटवा रहे हैं। वह पिछले चार साल से यही काम करवा रहे हैं। इस समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, तो बुधवार को एक भी कर्मचारी खेतों में गेहूं काटने नहीं पहुंचा। इसके चलते खेतों में कटाई आदि का कार्य बंद रहा। वहीं सूत्रों की माने तो खबर प्रकाशित होने के बाद चेयरमैन प्रतिनिधि कर्मचारियों पर इस बात का दबाव डाल रहे हैं कि वह लिखकर दें कि वह स्वयं पैसे लेकर खेतों में गेहूं काटने का कार्य कर रहे हैं। खबर प्रकाशित होने पर कर्मचारियों में खुशी है। उनका कहना है कि अब उन्हें डबल मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी। इस संबंध में ईओ रामपाल का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। खेतों में कोई कर्मचारी नहीं मिला था। यदि आरोप सही मिलते हैं तो इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।