गांव में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने पर चार दिन से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल रखा है। मगर, मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। कई मरीजों को परिजन ने आगरा, इटावा, फिरोजाबाद के अस्पतालों में भर्ती कराया है।
मैनपुरी में बुखार का कहर तेजी के साथ बढ़ रहा है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में जिला अस्पताल पहुंची छह माह की मासूम सहित तीन मरीजों की बुखार के चलते मौत हो गई। वहीं, छह मरीजों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया। वहीं, बरनाहल में बुखार के चलते ग्रामीण दहशत में हैं। गांव में करीब 350 लोग बीमार हैं।
विज्ञापन
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में शनिवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की ओपीडी में सर्वाधिक मरीज फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में पहुंचे। कस्बा बेवर निवासी सर्वेश (45) को बुखार आने पर शुक्रवार की शाम महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां देर रात उपचार के दौरान सर्वेश की मौत हो गई।
शहर के मोहल्ला महमूद नगर निवासी जारा (6 माह) पुत्री सोनू को दो दिन पहले बुखार आया। परिजन ने एक मेडिकल से लेकर दवा खिला दी। आराम ने मिलने पर शनिवार की सुबह परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव फकीरपुर निवासी मुन्ना सिंह (73) को दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें शुक्रवार की रात जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉ. मदनलाल का कहना था कि बेवर निवासी सर्वेश को गंभीर हालत में ही भर्ती कराया गया था। वहीं, अन्य मरीजों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। परिजन के अनुसार वे बुखार से पीड़ित थे।
बुखार की चपेट में पैरार शाहपुर के ग्रामीण, घर-घर मरीज
विकासखंड क्षेत्र के गांव पैरारशाहपुर में वायरल बुखार फैल गया है। करीब 350 लोग बीमार हैं। निजी पैथोलॉजी लैब के संचालक अपनी जांच में डेंगू और मलेरिया की पुष्टि कर रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग वायरल फीवर की बात कह रहा है। गांव में दहशत का माहौल है। एक महिला की मौत हो चुकी है। चार दिन से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल रखा है। मगर, मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। कई मरीजों को परिजन ने आगरा, इटावा, फिरोजाबाद के अस्पतालों में भर्ती कराया है।
विकास खंड क्षेत्र का गांव पैरारशाहपुर की आबादी करीब साढ़े चार हजार है। यहां के लोग बुखार के साथ खांसी, जुकाम से पीड़ित हैं। घर-घर चारपाई बिछी हुई हैं। 8 अगस्त को बुखार के कारण गांव की सोमवती की सैफई अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। पिछले चार दिन से गांव में बुखार पीड़ितों को राहत के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाया गया है। गांव में ही मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
नहीं मिल रहा आराम
मरीजों को आराम नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से अधिकतर मरीज बरनाहल, करहल, सिरसागंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा आदि शहरों के अस्पतालों में भर्ती हैं। गांव में सरिता, रचना, आशा देवी, रामस्वरूपी, गुड्डी देवी, जैसी सैकड़ों महिलाओं बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाइयां के नाम पर खाना पूरी कर रही है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
मरीजों का हाल जानने पहुंचे एसीएमओ
गांव पैरारशाहपुर में बुखार के मरीजों की स्थिति की जांच उच्चाधिकारियों ने भी शुरू कर दी है। शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा ने गांव में पहुंचकर मरीजों से बात की। उन्होंने लोगों को साफ सफाई के प्रति जागरूक किया। एसीएमओ ने कहा कि गांव में लग रहे शिविर में पहुंचकर उपचार लें। अफवाह से बचें। उन्होंने बताया कि गांव के लोग वायरल की चपेट में हैं।
गांव में गंदगी का अंबार, नहीं कराई गई फाॅगिंग
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में महीनों से सफाई कर्मी सफाई करने नहीं पहुंचा है। गांव की नालियों में गंदगी भरी पड़ी है। साथ ही गलियों में कीचड़ भरा रहता है। इसकी वजह से गांव में संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। इसके बाद भी ग्राम पंचायत स्तर से साफ-सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभी तक नालियों और गलियों की सफाई नहीं कराई गई है। ओर ना ही फाॅगिंग कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जन प्रतिनिधि भी उनकी समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि गांव में बुखार पीड़ितों की स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग गांव में शिविर लगाकर मरीजों को उपचार दे रहा है। चिकित्साधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि बुखार पीड़ितों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। जांच के लिए एसीएमओ को भी मौके पर भेजा था। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लोग अफवाहों से बचें। गांव में एसीएमओ को भी भेजा गया था। लोगों को साफ-सफाई और बीमारियों से बचाव के लिए प्रेरित किया गया है।