ज्ञापन में कहा गया है कि राजस्व विभाग के नक्से के अनुसार रेलवे लाइन के एक और 19 मीटर दौर दूसरी और 22 मीटर जगह रेलवे विभाग की दर्ज है। ग्रामीणों ने अपने मकान भी निर्धारित सीमा के बाहर बनाए हैं। ग्रामीणों का कहना था कि पांच सितंबर को रेलवे विभाग की टीम पुलिस के साथ गांव पहुंची और यहां करीब 30 मकान तोड़ दिए।
ग्रामीणों ने बताया कि उन लोगों को चेतावनी दी गई है कि रेलवे लाइन से 29 मीटर दोनों तरफ जगह पूरी तरह से खाली कर दी जाए। 20 दिन बाद फिर से कार्रवाई होगी इस दौरान जो भी हद में आएगा उसके मकान तोड़ दिए जाएंगे। ग्रामीणों का कहना था कि वे और उनके परिजन करीब सौ साल से मकान बनाकर रहे रहे हैं।
यह भी पढ़ेंः- पुराना घर ढहाते समय गिरी पक्की छत: मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत जबकि दो घायल; परिजन ने शव रखकर सड़क किया जाम
बताया कि यदि 29 मीटर दूरी का पालन किया गया तो किसी का मकान नहीं बचेगा। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग में दर्ज रिकार्ड के अनुसार जगह सुरक्षित करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में अमित कुमार, सुनीता देवी, चांदनी, पूजा, कंठश्री, ऊषा देवी, रेखा देवी, पिंकी, मीरा देवी आदि ग्रामीण शामिल थे।
मेरा मकान सौ साल से भी अधिक समय का बना हुआ था। बिना किसी नोटिस के ही मेरा मकान गिरा दिया गया है। गिराने से पहले चेतावनी तो देनी चाहिए थी।
-उदयवीर सिंह
यह भी पढ़ेंः- Janmashtami 2023: मखमली सिंहासन होगा...जर्मन सिल्वर के झूले में झूलेंगे लड्डू गोपाल, उत्सव मनाने को तैयार लोग
मेरा मकान वर्षों से बना हुआ है पहले कभी रेलवे ने कोई नोटिस आदि नहीं दिया अब अचानक हम लोगों को वेघर किया जा रहा है। -दयाशंकर
ग्रामीणों ने राजस्व विभाग में दर्ज नक्से के अनुसार रेलवे की जगह छोड़कर अपने मकान बनाए थे। आज भी वहीं मकान बने हैं। रेलवे ने अचाकन अपनी हद बढ़ा दी है। इससे ग्रामीण वेघर हो रहे हैं। -उमाशंकर
जैसे तैसे एक-एक पैसा एकत्रित कर मकान बनवाया था अब अचानक रेलवे ने मकान गिराने शुरू कर दिए हैं। रेलवे की हद का पत्थर भी लगा है उससे दूरी पर घर बने हैं अब अचानक रेलवे ने अपनी हद बढ़ा दी है। -सुनील कुमार