मैनपुरी में दमा का खतरा बढ़ते नजर आ रहा है। यहां शुक्रवार को दमा से पीड़ित दो मरीजों की मौत हो गई। जबकि 11 को भर्ती किया। इनमें से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सांस लेने में दिक्कत के चलते दो और मरीजों की मौत हो गई। वहीं 11 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। तीन मरीजों को हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार की सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में 544 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से 11 को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। शहर के मोहल्ला दरीबा निवासी फारूख की 45 वर्षीय पत्नी जयवून निशा को पिछले कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई
परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहर के मोहल्ला श्रंगार निवासी 85 वर्षीय लालबहादुर सिंह को बृहस्पतिवार की रात अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज, सैफई के लिए रेफर
जिला अस्पताल से तीन अन्य मरीजों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज, सैफई के लिए रेफर किया। सीएमएस डॉ. मदनलाल का कहना था कि दोनों ही मरीजों को मृत अवस्था में लाया गया था। तेज धूप आदि के कारण अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। धूप से मरीज बचाव रखें।