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इंजेक्शन लगते ही माैत: दो माह की गर्भवती की गई जान, अस्पताल बंद कर भाग गया संचालक; स्वास्थ्य विभाग ने किया सील

Mon, 29 Jun 2026 06:55 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

जांच के बाद डाक्टरों ने शिल्पी को मृत घोषित कर दिया। नव वधू की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन ने आरोप लगाया कि नेहा हॉस्पिटल में गलत उपचार के कारण शिल्पी की मौत हुई है। इस बीच संचालक हॉस्पिटल बंद कर फरार हो गया। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव मोर्चरी पर भिजवाया।
 
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मृतका का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मैनपुरी के बेवर कस्बे में फर्रुखाबाद रोड पर संचालित एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची दो माह की गर्भवती की इंजेक्शन लगने के कुछ मिनट में ही मौत हो गई। परिजन ने डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजन की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है।
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क्षेत्र के गांव मद्दापुर खास निवासी सुमित कुमार की शादी 27 अप्रैल को थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव कुचेला निवासी शिल्पी से हुई थी। शिल्पी दो माह की गर्भवती थीं। रविवार की रात करीब 8:30 बजे खाना खाने के बाद शिल्पी को तेज पेटदर्द हुआ। परिजन उसे कस्बा बेवर के फर्रुखाबाद रोड पर स्थित नेहा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां मौजूद तथाकथित डॉक्टर ने शिल्पी को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। रात करीब 9:30 बजे शिल्पी को स्टाफ ने इंजेक्शन लगाया।

इंजेक्शन लगते ही शिल्पी की हालत बिगड़ने लगी तो संचालक ने कहीं और ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे रात करीब 10 बजे सीएचसी बेवर लेकर पहुंचे। यहां जांच के बाद डाक्टरों ने शिल्पी को मृत घोषित कर दिया। नव वधू की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन ने आरोप लगाया कि नेहा हॉस्पिटल में गलत उपचार के कारण शिल्पी की मौत हुई है। इस बीच संचालक हॉस्पिटल बंद कर फरार हो गया। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव मोर्चरी पर भिजवाया।
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प्रशिक्षित डॉक्टर न मिलने पर हॉस्पिटल हुआ सील
मामले की जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता के निर्देश पर सोमवार को नोडल अधिकारी पंजीकरण डॉ. सुरेंद्र सिंह कस्बा बेवर पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान नेहा हाॅस्पिटल पर कोई भी योग्य डॉक्टर और स्टाफ नहीं मिला। इस पर मौके पर ही हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। नोटिस चस्पा कर संचालक से तीन दिन में जवाब मांगा गया है। उचित जवाब न मिलने पर एफआईआर कराई जाएगी।

 

पति की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
मृतका के पति सुमित शाक्य ने तहरीर दी है। बताया कि रात में डाॅक्टर ने जब इंजेक्शन लगाया तो शिल्पी की हालत बिगड़ने लगी। उन्होंने इसकी जानकारी डाॅक्टर और स्टाफ को दी। इसी बात पर संचालक अवनीश कुमार और पूरा स्टाफ गाली-गलौज कर अभद्रता करने लगा। आरोपियों ने जबरन उन्हें शिल्पी के साथ सीएचसी भेज दिया लेकिन तब तक पत्नी की मौत हो चुकी थी। तहरीर पर पुलिस ने संचालक और अज्ञात स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में बेवर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
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मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
दूसरी तरफ जानकारी होने पर सोमवार की सुबह मृतका शिल्पी के मायके पक्ष के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां ससुराली पक्ष और मायके पक्ष में कई बार नोंकझोंक भी हुई। पिता हरिकिशन शाक्य निवासी कुचेला, थाना दन्नाहार ने अतिरिक्त दहेज को लेकर ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पिता ने बेवर पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

नेहा हाॅस्पिटल पंजीकृत है। जानकारी मिलने पर नोडल अधिकारी को मौके पर भेजा गया था। निरीक्षण के दौरान मौके पर काेई भी चिकित्सक और स्टाफ नहीं मिला। हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। तीन दिन में जवाब मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ


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