सर्दी से सांस फूलने पर दो की मौत
- फोटो : अमर उजाला
धुआं, धूल तथा उचित उपचार समय से न मिलने के चलते सांस फूलने वाले (सीओपीडी) रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में सीओपीडी से पीड़ित दो रोगियों ने दम तोड़ दिया। गंभीर हालत 11 का चिकित्सकों ने इलाज कर दवा खाने और परहेज बरतने की सलाह दी।
सीओपीडी (क्रानिक ऑक्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज) से पीड़ित रोगी बढ़ रहे हैं। थाना कोतवाली क्षेत्र बड़ा बाजार निवासी फुंदन (60) को तेज सांस फूलने पर परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों ने फुंदन को सीओपीडी से पीड़ित बताया। जिला अस्पताल में फंदन की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं थाना बेवर के ग्राम रामपुर निवासी सुरेंद्र (80) की भी सर्दी के चलते अचानक सांस फूलने लगी। परिवार वाले उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
वहीं शुक्रवार को चिकित्सकों ने 11 रोगियों को प्राथमिक इलाज देकर परहेज बरतने की सलाह दी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. धर्मेंद्र कुमार के अनुसार उनके पास दमा, सीओपीडी, सांस आदि रोगों से पीड़ित प्रतिदिन औसतन 20-25 रोगी आ रहे हैं। अधिकांश रोगी ऐसे होते हैं जिन्हें इन बीमारियों की जानकारी नहीं होती। वह सामान्य सांस और दमा रोग समझकर इधर-उधर इलाज कराते रहते हैं। ठंड के साथ धूल, धुंआ से बचाव के साथ ही कुशल चिकित्सक से उपचार कराकर स्वस्थ रहा जा सकता है।
सुबह कोहरा दिन में निकली धूप से मिली राहत
सुबह कोहरे के बाद शुक्रवार को निकले सूर्यदेव ने लोगों को सर्दी से राहत दिलाई। दोपहर में धूप निकलने से छह दिन से लगातार कहर बरपा रही सर्दी के तेवर कुछ कम हुए। बाजार और पार्कों में भी दिनभर खूब रौनक रही।
छह दिन से तापमान भी लगातार गिर रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह नौ बजे से सूर्यदेव ने दर्शन दिए तो मौसम ने करवट ले ली। अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह तो कोहरे में लिपटी हुई रही, लेकिन दोपहर तक मौसम साफ हो गया। धूप निकलने के चलते बच्चों ने भी खूब मस्ती की। शहर के बाजारों में भी खरीदारी करने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिखी। स्कूल से आने के बाद बच्चों ने भी दिनभर खूब सैर सपाटा किया। वहीं शाम होते ही मौसम ने फिर करवट बदल ली। शाम तक चलीं सर्द हवाओं ने फिर शहर को अपने आगोश में ले लिया। यातायात भी धीरे रहा। कुरावली में शाम को अलाव भी जले।