एक ही मुकदमा नंबर पर दो मुकदमे निस्तारित
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक ही मुकदमा नंबर पर दो मुकदमे निस्तारित करने का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद तहसील में सनसनी फैल गई। कर्मचारी दोनों मुकदमों के अभिलेख खंगालने में जुट गए। अधिवक्ता अभिनंदन यादव ने डीएम से जांच कराने की मांग की है।
मामला घिरोर तहसील का है। यहां एसडीएम न्यायालय से संबंधित एक मुकदमे निस्तारण चर्चा का विषय बना है। इस मुकदमे में मौजा घिरोर खास, गाटा संख्या 1886 और मौजा नसीरपुर में गाटा संख्या 42 को एक ही मुकदमा संख्या पर असंक्रमणीय भूमि से संक्रमणीय भूमि घोषित कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद तहसील कर्मियों में हड़कंप मच गया। अब कर्मचारी मुकदमों से संबंधित अभिलेखों को खंगाल रहे हैं।
राजस्व कर्मचारी जुटा रहे तथ्यों की जानकारी
अमर उजाला ने 21 मार्च के अंक में समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशन के बाद राजस्व कर्मचारियों ने संबंधित मुकदमों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मौजा घिरोर खास, गाटा संख्या 1886 तथा मौजा नसीरपुर में गाटा संख्या 42 का मामला एक ही मुकदमे में निस्तारण करके आदेश पारित कर दिया गया।
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गलत तथ्यों को कराया जाएगा सही
अधिवक्ता अभिनंदन यादव ने कहा कि एक वाद संख्या पर एक ही वाद का निस्तारण किया जा सकता है। एक ही वाद संख्या पर दो वादों का निस्तारण कानूनन गलत है। एसडीएम एसएन शर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी की जाएगी। अगर कहीं गलत हुआ है तो उसे सही कराया जाएगा।