मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने मिड-डे-मिल योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है। जिस पर अभिभावक या अन्य कोई भी शिकायत दर्ज करा सकता है। लेकिन विगत छह माह से जिले में कोई शिकायत नहीं आई है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों संख्या को बढ़ाने, प्राथमिक विद्यालयों में छात्राओं को रोकने की प्रवृति विकसित करने, बच्चों में स्कूल छोड़ने पर प्रभावी अंकुश लगाने, शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मिड-डे-मील योजना संचालित है। इनमें गड़बड़ी करने वालों की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18004190102 जारी किया गया।
जिले में कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद है। कुछ स्थानों पर बन भी रहा है। विभागीय आंकड़ों की माने तो मीनू के अनुसार भोजन न मिलने की शिकायतें सामने आईं हैं।
दस माह पहले जारी टोल फ्री नंबर पर शुरूआत में चार शिकायतें आईं भी जिनका निस्तारण हो गया। विभाग में डीसी मिड डे मील का कार्यभार संभाल रहे नितिन भार्गव के अनुसार छह माह से जिले में मिड डे मील से संबंधित एक भी शिकायत टोल फ्री नंबर पर दर्ज नहीं कराई गई है।
स्कूलों में नहीं लिखे गए नंबर
जिले के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों की दीवारों पर अभी तक टोल फ्री नंबर ही नहीं लिखे गए हैं। यही कारण है कि जिले में तमाम गड़बड़ियों के बाद भी टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बीएसए का कहना है कि सभी स्कूलों में टोल फ्री नंबर लिखे हैं। फिर भी जांच कराई जाएगी जहां नहीं लिखे हैं वहां लिखवाए जाएंगे।