मैनपुरी। जीराम, जी में अब 125 दिन रोजगार मिलेगा, वहीं फर्जीवाड़े की शिकायत भी नहीं मिलेगी। मनरेगा जॉब कार्ड धारकों का सत्यापन कराया जा रहा है, ई-केवाईसी प्रक्रिया में छंटनी के बाद वही लोग इसमें प्रवेश कर पाएंगे जो योजना के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा अब अंगूठा या साइन नहीं बल्कि रेटिना स्कैन से हाजिरी लगेगी।मनरेगा का नाम बदल कर जीराम, जी कर दिया है। नाम के साथ ही योजना में अन्य बदलाव भी किए गए हैं। पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी स्लोगन था, वहीं अब बदल कर 125 दिन रोजगार की गारंटी हो गया है। नई योजना में सिर्फ वही जॉब कार्ड धारक शामिल हो सकेंगे, जो कि धरातल पर हैं। फर्जीवाड़े की शिकायतों के बीच सत्यापन का कार्य जनवरी से शुरू हो चुका है। जिला विकास अधिकारी व उपायुक्त मनरेगा अजय कुमार का कहना है कि ई-केवाईसी का जिले में 65 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। समय रहते शत प्रतिशत कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।उपायुक्त मनरेगा ने बताया कि जनपद में वर्तमान में करीब 1.03 लाख से अधिक मनरेगा जॉब कार्ड धारक हैं। ई-केवाईसी का कार्य लगभग पूर्ण होने को है। अभी तक करीब 65000 लोगों का सत्यापन हो चुका है। सत्यापन कार्य का एक मकसद यह भी है कि जो भी शिकायतें, फर्जीवाड़ा आदि है, वह सामने आ जाएगा। जीराम, जी योजना में जो भी जॉब कार्ड धारक शामिल होंगे वह बिल्कुल सही होंगे।जीराम, जी योजना के तहत 125 दिन का रोजगार पाने वाले अब अंगूठा या साइन से काम नहीं पा सकेंगे, बायोमैट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई है। जॉब कार्ड धारकों का रेटिना स्कैन होगा, जिसके बाद ही ऑनलाइन हाजिरी आदि के कार्य आगे बढ़ सकेंगे।