मैनपुरी। मानसून आ गया पर पालिका नालों की सफाई पूरी नहीं करा पाई। बारिश में जल निकासी के इंतजाम किसी को नहीं मालूम हैं। एक ओर जहां अधिकारी जून में ही सभी नालों की सफाई होने की बात कह रहे हैं, वहीं ठेकेदार ने सफाईकर्मियों की संख्या आधी कर दी है।
मानसून ने जिले में दस्तक दे दी है। पहली बारिश भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक नगर पालिका क्षेत्र में नालों की सफाई का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। 73 में से 50 नालों की ही सफाई हुई है। जिन नालों की सफाई का दावा पालिका प्रशासन कर रहा है। उनके अधिकांश भाग में सिल्ट भरी हुई है। नालों की सफाई किस तरह हुई है इसका जवाब उक्त नालों का देखने भर से मिल जाता है।
पालिका प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र के लगभग 65 नालों की सफाई हो चुकी है। लेकिन वह सफाई वाले नाले का नाम नहीं बता पा रहे हैं। पहले 11-12 गैंग सफाई का कार्य कर रहे थे। अब 6-7 गैंग पर ही जिम्मा डाल दिया है।
मामले में ठेकेदार का कहना है कि पालिका की ओर से एक पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। इधर, ईओ रामपाल का कहना है कि भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। यदि सफाई कर्मचारियों की संख्या घटाई गई तो इसकी जांच कराई जाएगी। ठेकेदार को सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर शीघ्र कार्य समाप्त करने के लिए कहा जाएगा।
दो दिन पूर्व साफ हुए नाले गंदगी से अटे
मैनपुरी। देवी रोड, आगरा रोड पुलिया, स्टेशनरोड आदि क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि दो दिन पूर्व कुछ सफाई कर्मचारी आए थे। उन्होंने नाले की सफाई के नाम पर थोड़ा बहुत कूड़ा निकाला और चले गए। यही कारण है कि उक्त स्थानों पर बने नाले सिल्ट से अटे पड़े हैं। आगरा रोड पर रहने वाले प्रदीप का कहना है कि नालों पर बनी पुलिया के नीचे कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं। इसके चलते बारिश होने पर जल निकासी नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर रहे हैं।