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लड़कियों ने फिर मां-बाप का सिर किया ऊंचा

Sat, 21 May 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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झलकी खुशी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीबीएसई इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित हो गया। जवाहर नवोदय विद्यालय के अंशुल कुमार यादव ने 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया है। वहीं सेंट मैरी की शैलजा चौहान ने 93.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा और सुदिति ग्लोबल एकेडमी की कृतिका दीक्षित ने 93.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। एक बार फिर लड़कियां पढ़ाई में लड़कों के मुकाबले आगे रहीं। टाप फाइव में तीन स्थानों पर लड़कियां जबकि दो स्थानों पर लड़के काबिज हुए। जिले का परीक्षा परिणाम 72.64 प्रतिशत रहा। 
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सोमवार को दोपहर 12 बजे परीक्षा परिणाम आने की जानकारी होने के चलते 11 बजे से ही कई कंप्यूटर सेंटर और साइबर कैफे पर छात्र-छात्राओं की भीड़ लग गई थी। करीब एक बजे परीक्षा परिणाम आते ही छात्र-छात्राएं परीक्षा परिणाम जानने के लिए एकत्रित हुए। कुछ ही देर में परीक्षा परिणाम आनलाइन जारी हुआ तो सफल हुए परीक्षार्थी खुशियों का इजहार करते दिखे। इंटरनेट की स्पीड कम रहने से परीक्षा परिणाम जानने के लिए परीक्षार्थियों को इंतजार भी करना पड़ा।

जिले में सर्वाधिक परिणाम सुदिति ग्लोबल एकेडमी का सौ फीसदी रहा। प्रबंध निदेशक डाक्टर राममोहन, प्रधानाचार्य कुसम मोहन ने मेधावी छात्रों को मिठाई खिलाकर अच्छे अंक प्राप्त करने पर बधाई दी। जेेएस मेमोरियल का सौ प्रतिशत व सेंट मेरी स्कूल का 98.92 प्रतिशत रहा। प्रबंधक दीपक दास और प्रधानाचार्य मनोरमा दास से मेधावी बच्चों का अभिनंदन किया। जवाहर नवोदय विद्यालय का 97 प्रतिशत परिणाम रहा। वहीं डाक्टर किरन सौजिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम 96 प्रतिशत रहा। एसबीआरएल के प्रबंधक अनुपम गुप्ता और प्रधानाचार्य स्तुति गुप्ता ने बच्चों को बधाई दी। सीआरबी पब्लिक स्कूल का परिणाम 86 प्रतिशत रहा। मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रधानाचार्य पीएन अगिभनहोत्री ने मिठाई खिलाकर अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होेने पर बधाई दी। कपिल मुनि चिल्ड्रेन अकादमी बेवर का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत रहा। प्रधानाचार्य दीपक सिंह ने बधाई दी। 
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बच्चों का मनोबल बढ़ाएं
पूर्व प्रधानाचार्य सत्यसेवक का कहना है कि परीक्षा परिणाम में कई मेधावी छात्रों के अपने सहपाठियों से अंक कम आए होंगे। ऐसे में उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। आगे की कक्षाओं में और अधिक मेहनत कर अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं। बच्चों के अभिभावकों को भी अपने बच्चों को समझाते हुए आगे की कक्षाओं में बेहतर परिणाम पाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। न कि अन्य बच्चों से तुलना कर उनके मनोबल को गिराना चाहिए।
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