थाना क्षेत्र के गांव बड़ा सूरजपुर में तीन दिन पूर्व आंधी में झोंपड़ी के नीचे वृद्धा की दबकर मौत हो गई। तीन दिनों तक शव झाेंपड़ी में ही दबा रहा। लापता होने के बाद भी बेटे बहू ने उसकी तलाश नहीं की। शनिवार को सड़ांध आने पर ग्रामीणों को जानकारी हुई।
गांव बरा सूरजपुर निवासी रेशम देवी (75) बीते 17 मई को गांव में किसी के घर गई थीं। तभी शाम को तेज आंधी शुरू हो गई इस बीच वह गांव निवासी होरीलाल की झाेंपड़ी में बैठ गई थीं। आंधी में झोंपड़ी गिरी तो रेशम देवी उसमें दब गई। आंधी और बारिश के चलते किसी को उनकी चीख पुकार सुनाई नहीं दी। इस बीच उनके पुत्र व पुत्रवधू ने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। उनकी न तो तलाश की गई न ही पुलिस को लापता होने की सूचना ही दी गई। शनिवार की सुबह जब लोग झोंपड़ी के समीप से गुजरे तो वहां सड़ांध आ रही थी। ग्रामीणों ने मलबे को हटाया तो उसने नीचे वृद्धा की लाश दबी हुई थी। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से वृद्धा का अंतिम संस्कार किया है।
बहू बेटे ने कर दिया था दाने-दाने को मोहताज
वृद्धा रेशम देवी के पति की मौत करीब 25 वर्ष पूर्व हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि गरीबी की हालत में उन्होंने दो बेटे मुकेश और शैलेश की परवरिश करते हुए उन्हें पढ़ाया लिखाया। बडे़ पुत्र की हरकतों के चलते वृद्धा ने छोटे पुत्र मुकेश की शादी पहले कर दी थी। पांच वर्ष पूर्व मुकेश की मौत हो गई। जिसके बाद बडे़ बेटे ने छोटे भाई की पत्नी से शादी कर ली थी। छोटे बेटे की मौत से रेशम देवी को गहरा सदमा लगा था। ग्रामीणों के मुताबिक शादी के बाद बहू और बेटे ने वृद्धा का जीना दूभर कर दिया था। उसे दाने-दाने का मोहताज कर दिया था। आए दिन मारपीट कर परेशान करते थे। 17 मई को भी बेटे बहू के साथ कहासुनी होने के बाद ही रेशम देवी घर से ऐसे निकलीं जो दुबारा घर नहीं पहुंचीं।