एमएलसी अरविंद प्रताप सिंह के निलंबन से उनके समर्थकों में जबरदस्त आक्रोश हैं। सोमवार को उनके आवास पर जुटी भीड़ ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव यादव ने निलंबन वापस नहीं होने की स्थिति में अपने समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफे देने की चेतावनी दी है।
पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए संजीव यादव ने कहा कि अरविंद प्रताप सिंह पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने पूछा कि अचानक पिछले छह माह से वह गलत कैसे हो गए ? अगर पहले से वह गलत काम करते आ रहे हैं तो पार्टी ने उन्हें विधान परिषद का टिकट क्यों दिया। समाजवादी पार्टी में मुखिया मुलायम सिंह यादव के बाद हमारे सबसे बडे़ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ही हैं। उन्होंने कहा कि साफ लगता है कि राज्य में सपा को जान बूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
उधर, रविवार दोपहर बाद से अरविंद के निलंबन की खबर फैलते ही उनके समर्थक उनके आवास पर जमा होना शुरू हो गए थे। मध्यरात्रि को जब एमएलसी अरविंद घर पहुुुुंचे तब भी सैकड़ों की संख्या में समर्थक वहां धरना जमाए बैठे थे। समर्थकों ने उनसे कहा कि जब तक निलंबन वापस नहीं होगा, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। सोमवार को भी सुबह से ही उनके आवास पर समर्थक पहुंचने लगे। समर्थकों ने बताया कि अरविंद ने पार्टी के लिए समर्पित होकर कार्य किया। पंचायत चुनाव में अधिकांश प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य उनके समर्थक हैं। उनके निलंबन से पार्टी को काफी नुकसान होगा। कुछ समर्थकों ने तो उनका निलंबन को वापस न लेने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के विरोध में नारेबाजी की तो एमएलसी अरविंद और उनके भाई ब्लाक प्रमुख बिल्लू सिंह ने उन्हें ऐसा करने से रोकने का भरसक प्रयास किया।
विधायक और ब्लाक प्रमुख भी मिले
करहल। सपा से अचानक निलंबित किये गये एमएलसी अरविंद प्रताप सिंह यादव से सोमवार को उनके सिरसागंज रोड स्थित निवास पर विभिन्न जिलों के पार्टी के कई विधायकों, नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों और ब्लाक प्रमुखों ने मुलाकात की और उनके प्रति समर्थन जताया। इनमें मैनपुरी सहित इटावा, एटा, कासगंज, फीरोजाबाद, फर्रुखाबाद आदि जिलों के विधायक व नेता शामिल हैं। अरविंद ने सभी को सब कुछ ठीक हो जाने का भरोसा दिया है।