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एसटीएफ ने दबोचा 50 हजार का इनामी अब्बा

Wed, 01 Jun 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एसटीएफ आगरा ने दो साल पहले थाना करहल क्षेत्र के गांव असरोही में चार लोगों की हत्या कर फरार हुए और 50 हजार के इनामी राकेश उर्फ अब्बा व उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। फरार होने के बाद वह पहले हरदोई रहा और उसके बाद नेपाल भाग गया था। कुछ दिन पहले ही नेपाल से आया था।
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अब्बा के साथ गिरफ्तार हुआ उसका साथी किशनपाल उर्फ केपी निवासी नगला गजू थाना एका फीरोजाबाद है। दोनों को मंगलवार शाम 6:40 बजे मैनपुरी-कुरावली मार्ग स्थित मुरारीलाल इंटर कालेज के पास नौगांव तिराहा से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। बुधवार को एसपी हिमांशु कुमार  ने मीडिया को इसकी जानकारी दी और दावा किया कि मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ और अब्बा के बीच करीब आधा घंटा तक फायरिंग हुई। अब्बा और किशनपाल के पास से पुलिस ने दो फैक्ट्री मेड़ पिस्टल, 11 कारतूस और चोरी की एक पल्सर बाइक बरामद की है। राकेश उर्फ अब्बा पर मैनपुरी समेत अन्य जिलों में लूट, हत्या और अपहरण के 11 मामले दर्ज हैं। असरोही में चार लोगों की हत्या करने के बाद उसने नौ और आपराधिक घटनाएं की। उससे की गई पूछताछ के बाद एसपी ने बताया कि असरोही में चार लोगों की हत्या के बाद वह कुछ दिन जिले में रहा। उसके बाद अपनी बहन के पास हरदोई चला गया। पुलिस सख्ती बढ़ी तो नेपाल भाग गया। बाद में वापस आया, दो बार वह नेपाल गया, कुछ दिन पहले ही वह नेपाल से आया था। 
फर्जी नाम से एटा जेल में बंद रहा
मैनपुरी। चार लोगों की हत्या के आरोप में मैनपुरी अब्बा को तलाश कर रही थी और वह एटा थाना पिलुआ से राइफल लूट के एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल गया। चार माह वह जेल में बंद रहा, उसके बाद जमानत कराकर बाहर आ गया। एसपी ने बताया कि वह पुलिस की मिलीभगत से तो जेल नहीं चला गया। घटना के बाद उसके बारे में आसपास के जिलों में सूचना दी गई थी, उस पर इनाम की राशि बढ़ाई जाती रही फिर उसे पिलुओ पुलिस क्यों नहीं पहचान पाई, इसकी जांच कराई जा रही है। 
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कई लोगों से वसूली रंगदारी
मैनपुरी। हाईस्कूल में फेल होने के बाद अब्बा ने  पढ़ना छोड़ दिया था। असरोही कांड से पहले भी उस पर लूट और अपहरण के मामले दर्ज थे। असरोही में चार लोगों की हत्या के बाद उसकी दहशत और बढ़ गई थी और उसने लोगों को डराकर रंगदारी वसूलनी शुरू करदी। कई लोगों से वह रंगदारी वसूल चुका है। 
यह था मामला
सितंबर 2014 में बाइक सवार सात लोगों ने दो सगे भाइयों समेत चार लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इन्होंने सबसे पहले शराब के ठेके पर बैठे नीरज यादव की हत्या की। इसके बाद विरोध करने पर ठेके के सेल्समैन अखिलेश और यहां मौजूद सुशील को भी गोलियों से भून दिया था। घटना के बाद बागते हत्यारोपियों को सिरसागंज मार्ग पर नीरज का भाई सोनू मिल गया तो उसकी भी हत्या कर दी थी। फरवरी 2016 में इस घटना के गवाहों को भी जान से मारने की कोशिश की गई थी। 
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