मैनपुरी में लगातार दूसरे दिन भी आसमान पर छाए बादलों के कारण सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। रात में जहां कई बार कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही वहीं शुक्रवार को भी दिन में कई बार रिमझिम बारिश होने से सर्दी और बढ़ गई है। रिमझिम बारिश और सर्द हवाओं ने शीतलहर का अहसास करा दिया। हल्की-फुल्की बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत के समान बताई जा रही है। वहीं बारिश और तेज हवाओं से सरसों की फसल गिरने से किसानों को कुछ नुकसान भी पहुंचा है। न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
गुरुवार की देर रात से ही रिमझिम बारिश शुरू हो गई थी। रात में कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। शुक्रवार को भी देर शाम तक कभी बूंदाबांदी तो कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। मौसम के रुख को देखकर तेज बारिश होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों के अनुसार तेज बारिश होती है तो आलू और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचेगा। किसान महेंद्र सिंह का कहना था कि अब तक हुई बारिश से सरसों को छोड़कर सभी फसलों को फायदा हुआ है। गेहूं, जौ, लहसुन आदि की फसलों के लिए बारिश अमृत के समान रही है। इससे फसलें और अच्छी होंगी। तेज हवाओें से सरसों की फसल गिरने से सरसों के उत्पादन में कुछ कमी आ सकती है।
उधर रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज सर्द हवाओं ने अचानक एक बार फिर शीतलहर पैदा कर दी है। दिन भर चली सर्द हवाओं के बीच हुई हल्की बारिश ने कड़ाके की सर्दी का अहसास करा दिया। बढ़ी सर्दी के बीच लोग अलाव तापते नजर आए। वहीं बाजारों में आम दिनों की तरह चहल-पहल भी नजर नहीं आई। आसमान पर छाई काली घटाओं को देखते हुए अभी और बारिश की संभावना जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि तेज बारिश और ओले पड़े तो फसलों को नुकसान होगा।