मैनपुरी। करहल के लेखपाल सतीश चंद्र पर जानलेवा हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक जून की रात हमले की घटना के बाद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित जिले भर के लेखपालों ने शनिवार से तहसील सदर में मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उप्र लेखपाल संघ के बैनर तले आयोजित धरना प्रदर्शन में मांगे पूरी नहीं होने तक कामकाज ठप रख कर धरना प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया गया। इससे पूर्व करहल तहसील में लेखपाल तीन जून से धरना प्रदशर्न कर रहे थे।
शनिवार को तहसील सदर में उप्र लेखपाल संघ के बैनर तले जिले भर के लेखपालों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। संघ के जिलाध्यक्ष जालिम सिंह यादव ने कहा कि आरोपियों ने गलत ढंग से काम न करने पर करहल के लेखपाल सतीश चंद्र के साथ इस कदर मारपीट की वह गंभीर घायल हो गए। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे लेखपालों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि लेखपालों के साथ पुलिस और प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। करहल के लोंगपुर की हस्तलिखित खतौनी के गाटा संख्या 440-ख पर अंकित फर्जी प्रविष्टि को तत्काल निरस्त किया जाए। फर्जी प्रविष्टि करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। इसी प्रकरण के चलते लेखपाल सतीश चंद्र पर जानलेवा हमला किया गया था। लेखपाल संघ तब तक धरना प्रदर्शन जारी रखेगा जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती।
संघ के जिला मंत्री भानुप्रताप सिंह शाक्य ने कहा कि लेखपालों पर लगाए गए झूठे आरोपों पर अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं। लेखपालों की न तो पुलिस सुन रही है और न ही प्रशासनिक अधिकारी। अब लेखपाल चुप बैठने वाले नहीं हैं। मांगों को लेकर आरपार की लड़ाई छेड़ी जाएगी।
धरना प्रदर्शन को अनार सिंह यादव, महेश सिंह तोमर, पुष्पेंद्र चौहान, रामौतार वर्मा, विमल भदौरिया, जबर सिंह, दयाराम शाक्य, आदित्य कुमार, केपी सिंह, अरविंद यादव, रक्षपाल सिंह, रामप्रकाश आदि ने संबोधित किया।
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगें
- लेखपाल सतीश चंद्र पर हमले के आरोपी गिरफ्तार हों
- करहल के लोंगपुर गांव की खतौनी में की गई फर्जी प्रविष्टि निरस्त कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
- लेखपाल दयाराम शाक्य और सुखराम का निलंबन वापस लिया जाए
- लेखपालों को सुरक्षा के लिए प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं
- मुआवजे के चेक एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में शिविर लगाकर दिए जाएं
राजस्व से संबंधित कार्य हो रहे प्रभावित
लेखपालों के कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन से राजस्व विभाग के काम प्रभावित होने शुरू हो गए हैं। खसरा, खतौनी और विभिन्न प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। वहीं पैमाइश आदि के कार्य भी धरना प्रदर्शन के चलते ठप पड़ गए हैं।