समस्याएं हल करने वाली हो सरकार
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विधानसभा की घोषणा होते ही जिले में भी जगह-जगह चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शहर के प्रमुख जगहों, चाय की दुकानों, चौराहों पर चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। शहर के प्रमुख स्थान आर्यसमाज मंदिर के पास स्थित चाय की दुकान पर भी रोजाना ही ऐसी चर्चाओं का दौर चलता है। गुरुवार को जब अमर उजाला की टीम वहां पहुंची तो गरमागरम चाय की चुस्कियों के साथ वहां मौजूद लोग चुनावी चर्चा के साथ माहौल को भी गरमा रहे थे। उनकी चर्चा का मुद्दा था कि सरकार और जनप्रतिनिधि आखिर कैसे होने चाहिए।
चाय की दुकान पर बैठे लोगों का कहना था कि मजदूर को काम और किसान को खाद, बीज की समस्या है। सरकारें तमाम बनीं पर इन समस्याओं को लेकर कोई सार्थक पहल नहीं होने से मजदूर को काम नहीं मिला जबकि किसान को खाद और बीज की समस्या से लगातार जूझना पड़ रहा है। उन्हें लगता है कि इस बार जाति और धर्म से ऊपर उठकर वह आम आदमी की समस्याओं को हल करने वाली सरकार बननी चाहिए। स्टेशन रोड निवासी शिवरतन मजदूरी करते हैं। दैनिक मजदूरी से मिलने वाले रुपयों से ही घर का खर्चा चलाते हैं। उनका कहना है ऐसी सरकार बने जो मजदूरों के हितों के लिए काम करे। मजदूरी करने वालों के लिए कोई नियमित योजना बनाने वाली सरकार ही बननी चाहिए।
नटराज होटल गली स्टेशन रोड निवासी ओमकार मजदूरी करके ही परिवार चलाते हैं। उनका कहना है सरकार ऐसी होनी चाहिए जो मजदूर की समस्याओं का निराकरण करे। मजदूरों और बेरोजगारों को काम देने के लिए जिले में कोई उद्योग ध्ंाधे लगवाए जाने चाहिए।
सूजापुर भदौरा निवासी रामपाल कहते हैं चुनाव में तो सभी राजनैतिक दलों को किसानों की याद आती है। किसान की खाद, बीज की समस्या बहुत पुरानी है। सरकार ऐसी हो जो किसान की खाद बीज की समस्या का समाधान करने की दिशा में प्रभावी पहल करे।
रतनपुर बरा निवासी श्यामसुंदर का कहना है किसान को लगभग हर फसल के नुकसान को रोकने के लिए सरकार ऐसी हो जो किसान को होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए योजना बनाकर किसानों का दिल जीते। सस्ते दाम पर खाद, बीज, बिजली, पानी मिलना चाहिए।