अंबेडकरनगर में सोमवार को सघन पौधरोपण अभियान के लिए आए पौधे।
- फोटो : अमर उजाला
बेटी को महत्व देकर उसके जन्म को यादगार बनाया जाएगा। उसके जन्म पर घर, मोहल्ले अथवा गांव में पांच फलदार और छायादार पौधे रोपित कर उत्सव मनाया जाएगा। इस कार्य में वार्ड सभासद सहित ग्राम पंचायत सदस्य अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2016 को पानीपत में बेटा-बेटी एक समान सेमीनार में बेटी के जन्म पर पांच पौधे रोपित करने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री की मंशा के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर निदेशक महिला कल्याण ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर बेटी के जन्म पर पांच पौधे रोपित कराने को कहा है। बेटी के जन्म को यादगार बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी सुनिश्चित की गई है। अभिभावकों को जागरूक करने में जन प्रतिनिधि अभियान चलाकर अपनी भूमिका निभाएंगे।
अभिभावक करेंगे पौधारोपण
बेटी के जन्म पर अभिभावक ही पौधे रोपित कर उत्सव मनाएंगे। पौधों की व्यवस्था ग्राम प्रधान तथा वार्ड सभासद कराएंगे। इसके लिए वन विभाग उनकी मदद करेगा। प्रधान तथा निकाय अध्यक्ष की मांग पर वन विभाग मांग पर पौधे उपलब्ध कराएगा। जरूरत पड़ने पर डीएम की भी मदद ली जा सकेगी।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भी लक्ष्य
प्रधानमंत्री की मंशा पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। बेटी के जन्म तथा उसकी पढ़ाई की सुनिश्चितता के लिए भी जन प्रतिनिधियों की भूमिका तय की गई है। प्रधान, निकाय चेयरमैन, एमएलए, एमपी को अपने क्षेत्र में जागरूकता अभियान में हिस्सा लेना होगा।
महिला आयेाग ने भी की पहल
महिला आयोग ने भी बेटी के जन्म पर पांच पौधे रोपित कराने की पहल की है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव उप्र शासन को पत्र लिखकर अभियान को सार्थक बनाने के लिए अभियान चलाने को कहा है। आयोग की सदस्य अपने भ्रमण के दौरान पौधारोपण पर विशेष घ्यान देंगी।
केंद्र सरकार की योजना के संबंध में पत्र मिला है। संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बेटी के जन्म पर पौधरोपण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीसी गुप्ता, जिलाधिकारी