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गर्मी में बिजली कटौती ने चढ़ाया पारा

Sat, 04 Jun 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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जाम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में हो रही अघोषित बिजली कटौती से गुस्साए लोगों का धैर्य आखिर शनिवार को फूट पड़ा। कुसमरा में आक्रोशित लोगों ने बरेली-ग्वालियर मार्ग पर जाम लगा दिया। लगभग 45 मिनट तक जाम लगने के कारण दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। भीषण गर्मी में लोग बिलबिलाने लगे। विधायक के फोन पर आश्वासन देने के बाद लोगों ने जाम खोला। तब कहीं जाकर यातायात सुचारु हो सका। लोगों की मांग है कि बिजली विभाग के जेई को हटाया जाए और कस्बा की जर्जर हो चुकी केबलों को बदला जाए। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में उपकरण बचाने के लिए बार-बार कटौती करना मजबूरी हो गया है। 
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कुसमरा में शुक्रवार की रात एक बार फिर एबीसी लाइन टूट गई। आधे से ज्यादा कस्बा में अंधेरा छा गया। गर्मी से व्याकुल लोग रात भर सड़कों पर टहलते रहे। सुबह 9:30 बजे आक्रोशित लोग पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और जाम लगा दिया। इसके बाद बरेली-ग्वालियर मार्ग पर पहुंचकर जाम लगा दिया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष आलोक अग्निहोत्री के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने जाम लगाकर विद्युत विभाग एवं सपा सरकार के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। इससे वाहनों की कतार लग गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस की भी लोगों ने एक न सुनी। आक्रोशित लोग जेई को हटाने और केबल बदलने की मांग कर रहे थे। मौके पर सपा के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष जगराम सिंह यादव ने किशनी विधायक ब्रजेश कठेरिया की आलोक अग्निहोत्री से फोन पर बात कराई। विधायक ने तत्काल जेई को हटवाने व केबल बदलवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों ने जाम खोला। इस दौरान लगभग 45 मिनट तक बरेली ग्वालियर हाईवे जाम रहा। इस अवसर पर राघव पांडेय, इरशाद, पंकज आदि मौजूद थे। लगभग 45
मिनट तक चले जाम में तमाम वाहन फंस गए। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

वहीं भीषण गरमी में शहर और देहात के अन्य क्षेत्रों में जमकर अघोषित कटौती हुई। पूरे दिन चली बिजली आंख मिचौली ने लोगों को बिलबिलाने पर मजबूर कर दिया। उमस भरी गरमी में बिजली जाते ही लोग तड़प उठते। भीषण गरमी वे बाहर जा नहीं सकते थे वहीं लाइट जाने पर अंदर रहना भी मुश्किल हो जाता था। इस संबंध में अधिशासी अभियंता एके पांडेय का कहना है कि अत्यधिक तापमान और ओवर लोडिंग के चलते उपकरणों के फुंकने का खतरा रहता है इसलिए मजबूरी में बार-बार कटौती करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि तापमान में गिरावट आने के बाद कटौती की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
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