आल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर की अपील पर शुक्रवार को जिले के आधा दर्जन से अधिक विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंक और रोडवेज के कर्मचारियों के इसमें शामिल होने से आम आदमी को काफी परेशानी हुई। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। दवा विक्रेताओं ने हड़ताल के समर्थन में दुकानें बंद रखीं। इससे लोग दवाओं के लिए भटकते रहे। इसके अलावा एलआईसी, डाकविभाग, बीएसएनएल आदि के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे।
शुक्रवार सुबह बैंक, रोडवेज, एलआईसी, पोस्टआफिस, बीएसएनएल समेत आधा दर्जन से अधिक विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहें। इसके चलते एसबीआई और कोआपरेटिव बैंक को छोड़ सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहे। वहीं रोडवेज की बसें भी खड़ी रहीं। हालांकि दोपहर बाद नियमित कर्मचारियों के हड़ताल से अलग होने पर कुछ बसें निर्धारित रूट पर निकलीं लेकिन वह भी लोगों को राहत नहीं दे सकीं। इसके अलावा पोस्ट आफिस बंद रहने से लोगों को वहां से बैरंग लौटना पड़ा। इसके अलावा एलआईसी और बीएसएनएल के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
दोपहर में कलक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और दवा विक्रेता संघ ने प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तो देर शाम तक कलक्ट्रेट पर डटी रहीं। वहीं दवा की दुकानें बंद होने पर लोगों को दवा के लिए भटकना पड़ा। दवा विक्रेता संघ के विभोर पांडेय, उमेश चौहान, विमल दीक्षित, रवि प्रताप, अनुज चौहान, एके सिंह आदि मौजूद थे। वहीं एलआईसी में सर्वेंद्र सिंह यादव, राहुल शाक्य, गजेंद्र चौहान, रमाकांत बाथम, सुबोध जैन, धर्मेंद्र यादव आदि प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे। पोस्टआफिस में एमपी सिंह, कृपाशंकर, गौरव, रजनीश, अवधेश, चरन सिंह, अशोक रावत धरने में शामिल रहे।