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UP Board Result: मुफलिसी की बेड़ियां काट रिक्शाचालक का बेटा बना जिला टॉपर, तीन वर्ष का था, मां की हो गई थी मौत

Tue, 25 Apr 2023 08:03 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

UP Board Result: मैनपुरी में मुफलिसी की बेड़ियां काट रिक्शा चालक का बेटा जिला टॉपर बना। तीन वर्ष की आयु में मां का निधन होने के बाद वह पिता के प्यार में ही पला बढ़ा। उनके सपना पूरा करने को वह मन लगाकर पढ़ाई कर रहा है। 
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इंटरमीडिएट जिला टॉपर अमन कुमार का मुंह मीठा कराते उसके पिता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कहते हैं कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। यह करके दिखाया है मैनपुरी जिले के नगला मंगली गांव निवासी रिक्शा चालक एलकार सिंह के पुत्र अमन ने। अमन जब मात्र तीन साल का था तब उसकी मां की मृत्यु हो गई थी। एलकार के सामने अमन के साथ बड़ी बेटी छाया और छोटी बेटी रेनू के पालन पोषण की समस्या खड़ी हो गई। 

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एलकार ने तीनों बच्चों को पिता के साथ मां का प्रेम भी दिया। एक तरफ जहां एलकार ने बेटों के भोजन की व्यवस्था की तो दूसरी तरफ बेटा और बेटियों की पढ़ाई न रुके इसके लिए मजदूरी की और रिक्शा चलाया। पिता का सपना था कि एक दिन उनका बेटा उनका नाम रोशन करेगा। बेटे ने भी पिता के सपने को टूटने नहीं दिया। 

पिता का सीना खुशी से फूल उठा

अमन ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंकों के साथ जनपद टॉप किया तो पिता का सीना खुशी से फूल उठा। अमन की दोनों बहने भी भाई की इस सफलता पर प्रसन्न दिख रही हैं। अमन का कहना है कि पिता के सपने को पूरा करने के लिए आगे भी वह मेहनत के साथ पढ़ेगा। पिता के पसीने की एक-एक बूंद का भार वह पढ़ाई कर और पिता का नाम रोशन करके चुकाएगा।

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हाईस्कूल में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा मनु परिजन के साथ - फोटो : अमर उजाला

मां का सहारा लेकर बेटी ने स्वर्गीय पिता का सपना किया पूरा

आज के समय में बेटियां भी किसी से पीछे नहीं हैं। परेशानी का सामना करना पड़े तो वह झांसी की रानी बनकर आगे बढ़ती है। ऐसा ही कुछ करके दिखाया है जिले के किशनी क्षेत्र के नैगवां खिरिया गांव निवासी स्वर्गीय राजीव कुमार चौहान की पुत्री मनु ने। मनु के पिता की मौत वर्ष 2018 में हो गई थी।

पिता की मौत के बाद मनु को लगा कि उसका जीवन अंधकार में डूब गया। लेकिन, मनु की मां ममता ने उसे सहारा और हिम्मत दी तो मनु ने कठिनाइयों के बीच आगे बढने का संकल्प लिया। ममता के सामने बेटी मनु और बेटा पवन के साथ ही सास सरला देवी के पालन पोषण की समस्या थी। ममता के पास पूरे परिवार को चलाने के लिए मात्र दो बीघा जमीन थी। ममता ने एक तरफ बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजा तो दूसरी तरफ खुद खेती बाड़ी की जिम्मेदारी भी संभाली। 

पिता का सपना पूरा करने को करेंगी आगे की पढ़ाई 

मनु ने हाईस्कूल परीक्षा में 94.83 प्रतिशत अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। परिजनों को जब ये जानकारी मिली तो वे खुशी से झूम उठे। मनु अपनी सफलता की जानकारी देते हुए भावुक हो गई और उसका कहना था कि उसके पिता का सपना आज पूरा हुआ। मनु का कहना था कि वह यहीं रुकने वाली नहीं है। पिता का सपना पूरा करने के लिए वह अब कला वर्ग की पढ़ाई करेगी।
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