मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र में रविवार की शाम बिजली विभाग के शिविर में धावा बोलकर बदमाशों द्वारा लूटे गए चार लाख रुपये के कैश की घटना के बाद सोमवार को विद्युत कर्मचारियों का आक्रोश भड़क गया। कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के बैनर तले कर्मचारियों ने विद्युत वितरण कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक लूटा गया कैश और बदमाश पकड़े नहीं जाते हैं, साथ ही पूरी सुरक्षा नहीं मिलती है तब तक कार्य नहीं करेंगे। सिर्फ उपकेंद्रों पर बिजली आपूर्ति सुचारु करने का ही कार्य किया जाएगा।
इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह यादव ने कहा कि विद्युत कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें पूरी सुरक्षा की गारंटी दी जाए। कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में वसूली के बाद उन्हें पुलिस की अभिरक्षा में सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। शिविरों के दौरान भी पुलिस बल की तैनाती की जाए। 10 जुलाई को नगर के मोहल्ला राजा का बाग में 81 हजार रुपये कैश लाते समय कर्मी विजय प्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब रविवार को घिरोर में शिविर में धाबा बोलकर लुटेरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए चार लाख रुपये कैश लूट लिया। लुटेरे अभिलेख भी अपने साथ ले गए।
असलमुद्दीन ने कहा कि कर्मचारियों का कम से कम 20 लाख रुपये का बीमा कराया जाए। उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ली जाए। लूट आदि की घटना होने पर कर्मचारियों से पैसा जमा न कराकर सरकारी खजाने से पैसा जमा कराया जाए। धरना-प्रदर्शन की जानकारी पर शाम एसडीएम सदर एसके सोनी और सीओ सिटी शैलेंद्र लाल मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने विद्युत कर्मचारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया लेकिन कर्मचारी बिना ठोस कार्रवाई के धरना प्रदर्शन समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक लुटेरे पकड़े नहीं जाते हैं और लूटी गई धनराशि नहीं मिलती है उनका आंदोलन जारी रहेगा। वह सरकारी कार्य, वसूली, चेकिंग आदि का पूरी तरह से बहिष्कार कर विद्युत वितरण कार्यालय पर प्रदर्शन जारी रखेंगे।
इस मौके पर एसडीओ एमके राय, कादर खान, अवर अभियंता सतेंद्र, बजरंग बहादुर, अनिल कुमार, अनूप कुमार, धनवेंद्र यादव, अंकित, सुमित कुमार आदि शामिल थे।