मैनपुरी। विद्युत निगम की ओर से अब गांवों और मोहल्लों के ट्रांसफाॅर्मरों पर भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस कदम से बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने और ट्रांसफाॅर्मर के लोड की निगरानी करने में मदद मिलेगी। जिले में कुल 10,250 ट्रांसफाॅर्मरों पर यह मीटर लगाने का कार्य शुरू किया गया है जिस पर अनुमानित 60 से 80 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
अब तक लगभग एक हजार ट्रांसफाॅर्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इस प्रणाली से बिजली खपत का वास्तविक समय में पता लगाया जा सकेगा। ट्रांसफाॅर्मर और उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग मिलाने से बिजली चोरी का तुरंत पता चल सकेगा। साथ ही अधिक भार पड़ने की स्थिति में समय रहते संतुलन बनाकर ट्रांसफाॅर्मर को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, इससे स्वचालित रीडिंग और डेटा ट्रांसमिशन होगा जिससे मैन्युअल जांच व फील्ड विजिट की आवश्यकता कम होगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी। ट्रांसफाॅर्मरों की क्षतिग्रस्तता में कमी आने से उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
ऐसे रुकेगी बिजली चाेरी
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता प्रथम अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि ट्रांसफाॅर्मर पर लगने वाले स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी पर अंकुश लगाया जा सकेगा। यदि एक 100 एमबीए ट्रांसफाॅर्मर से जुड़े 100 कनेक्शनों की बिजली खपत 500 यूनिट है, लेकिन मीटर में 600 यूनिट खपत आ रही है। ऐसे में संबंधित क्षेत्र में कर्मचारियों को चेकिंग करने में आसानी होगी। इससे कर्मचारियों को बिजली चोरी पकड़ने के लिए एक चिन्हित मोहल्ला या गांव में चेकिंग करने में आसानी होगी।
खंड वार ट्रांसफाॅर्मरों की संख्या
प्रथम खंड 750
द्वितीय खंड 4,500
तृतीय खंड 5,000
स्मार्ट मीटर लगने के प्रमुख लाभ
बिजली चोरी पर रोक
ट्रांसफाॅर्मर के भार की निगरानी
अधिक भार को विभाजित करने में सुविधा
ट्रांसफाॅर्मर के क्षतिग्रस्त होने का जोखिम कम
निर्बाध बिजली आपूर्ति
ट्रांसफाॅर्मरों पर स्मार्ट मीटर लगने से खपत और लोड का सटीक प्रबंधन संभव होगा। इससे न सिर्फ बिजली चोरी रुकेगी, बल्कि ट्रांसफाॅर्मरों के रखरखाव में भी आसानी होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिलेगी। - -मुकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम