सिंकदरपुर में स्वाट टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
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गांव सिकंदरपुर में गुरुवार देर रात एक आटा चक्की पर एमडीएम का गेहूं होने की सूचना पर पहुंची स्वाट टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया और टीम पर वसूली के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। जानकारी होने पर विधायक सदर भी गांव में पहुंच गए और दबिश देने के तरीके पर पुलिसकर्मियों को आड़े हाथ लिया। इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। एसपी ने अधिकारियों को सूचना दिए बिना दबिश देने पर स्वाट प्रभारी और सात अन्य कांस्टेबिलों को लाइन हाजिर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि गुरुवार रात 11:30 बजे मिड डे मील के राशन की कालाबाजारी होने की सूचना पर स्वाट टीम ने सिकंदरपुर तिराहा स्थित हमीद की आटा चक्की पर कार्र्रवाई की। उस वक्त दुकान पर एजाज मुस्तफा मौजूद था, जो किराए पर आटा चक्की चलाता है। उसने अन्य ग्रामीणों को भी बुला लिया। ग्रामीणों की सूचना पर विधायक सदर भी पहुंच गए। उनके पहुंचते ही ग्रामीण उग्र हो उठे और स्वाट टीम पर हमला कर दिया। स्वाट इंचार्ज मौके से भाग गए। बाद में उन्हें भी ग्रामीण पकड़कर ले आए। गुरुवार रात दो बजे तक हंगामा चलता रहा। स्वाट टीम के माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ा गया। मामले की जानकारी होने पर एसपी देवरंजन ने टीम के इंचार्ज और सदस्यों से बुलाकर पूछताछ की। उनसे पूछा गया कि आखिर वे किसके आदेश से दबिश देने गए थे, इसका जवाब वह नहीं दे पाए। इसके बाद शुक्रवार को एसपी ने स्वाट प्रभारी देवेश शर्मा, कांस्टेबल राधेश्याम, अजीत कुमार, रवींद्र, प्रदीप सोलंकी, कौशल प्रसाद, अफसर खां, ड्राइवर ब्रजेश को लाइन हाजिर कर दिया।
बिना अनुमति अवैध रूप से दबिश देने गए स्वाट टीम प्रभारी और सात अन्य सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- देवरंजन वमा, एसपी मैनपुरी