फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mainpuri News: भाई के नाम से 20 साल बीएसएफ में की नौकरी

Thu, 02 Jul 2026 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। एक युवक ने छोटे भाई के कागजात का प्रयोग कर हाईस्कूल की परीक्षा दी। इसके बाद बीएसएफ में नौकरी भी हासिल कर ली। 20 साल बाद जब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो नौकरी छोड़ दी। न्यायालय के आदेश पर कुरावली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

थाना कुरावली क्षेत्र के गांव राजलपुर निवासी सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में वह सुदामा नगर जलेसर रोड थाना उत्तर जनपद फिरोजाबाद में रह रहे हैं। उन्होंने जनता जनार्दन विद्यालय सोनई से 8वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद जौहरी नगर इंटर कॉलेज से 9वीं की परीक्षा दी। उनका भाई प्रताप सिंह जो कि आपराधिक प्रवृत्ति का है उसने उनकी 8वीं कक्षा की मार्कशीट लगा कर एटा के वार्ष्णेय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल किया। उनके नाम से वह हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल हुआ। उनके नाम से बनवाए गए कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बीएसएफ में नौकरी भी प्राप्त कर ली। करीब 20 साल तक नौकरी की। वर्ष 2017 में जब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ तो नौकरी छोड़ दी। दिल्ली से पुलिस महानिरीक्षक बीएसएफ ने उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी दी। उनके नाम से फर्जीवाड़ा करने वाले भाई के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। उसने बीएसएफ के सभी दस्तावेज में उनके नाम सत्येंद्र पाल का प्रयोग किया है। परिचय पत्र में भी उनका ही नाम लिखा है। जबकि भाई का असली नाम प्रताप सिंह है। भाई प्रताप ने उनके व बीएसएफ के साथ भी धोखाधड़ी की है।
-
भरण पोषण के मुकदमे में जवाब दाखिल किया
शिकायतकर्ता सत्येंद्र पाल ने बताया कि पत्नी वीना देवी ने परिवार न्यायालय में उन पर भरण पोषण का वाद दायर किया था। मुकदमे की जानकारी होने के बाद भाई प्रताप सिंह ने सत्येंद्र पाल बनकर न्यायालय में जवाब दाखिल किया था। परिवार न्यायालय में पत्नी को बताया कि जवाब दाखिल करने वाला उनका पति नहीं बल्कि जेठ है। फर्जी कागजों के आधार पर उनकी जमीन हड़पना चाहता है। न्यायाधीश ने प्रताप को चेतावनी देने के साथ ही उनकी पत्नी को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी कहा था। कई बार पुलिस से शिकायत की मगर पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें