परिजन ने इस खबर को उनसे छिपाने की कोशिश की। 15 मई की रात करीब 1.30 बजे उमेश का शव घर पहुंचा, तो चीत्कार और विलाप से माहौल गमगीन हो गया। रात 2.30 बजे परिजन के रोने की आवाज सुनकर गणेश की नींद खुली। उन्हें पता लगा कि बड़े भाई अब नहीं रहे, तो उनका हृदय टूट गया। भाई की मौत की खबर सुन गणेश सिंह चौहान ने भी मौके पर ही प्राण त्याग दिए।
एक ही घर में, कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो भाइयों की मौत से पूरे परिवार में मातम पसरा गया। शुक्रवार शाम गांव में ही दोनों भाइयों का एक साथ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। उमेश अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं, जबकि गणेश के बेटा-बेटी अब अकेले रह गए हैं।
ये भी पढ़ें-
UP: रिश्तों का कत्ल..भाई और जीजा की हैवानियत, मामा ने पार की हद; इसलिए पेड़ पर लटकाई छात्रा की खून से सनी लाश
परिवार में दो और भाई भी हैं
परिवार में उमेश और गणेश के अलावा दो अन्य भाई बृजेश सिंह, जो गुजरात में नौकरी करते हैं, और मुनेश सिंह जो मैनपुरी के सीएचसी कुचेला में डॉक्टर हैं। इस हृदयविदारक घटना ने उनके घरों में भी मातम पसर गया। बृजेश भाइयों की एक साथ मौत की खबर सुनकर गुजरात से गांव पहुंचे।
ये भी पढ़ें-
ISI Agent Arrested: पहले बेरोजगार, फिर पासपोर्ट बनवाए, अब जासूस बन बैठा नोमान, चार बार जा चुका है पाकिस्तान