नशीली दवाइयों के दुरुपयोग को रोकने के लिए गुरुवार को भोगांव में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान एक मेडिकल स्टोर पर अवैध रूप से रखी हुई नशीली दवाएं मिलीं। टीम ने लगभग तीन घंटे तक कसबा और आसपास के मेडिकल स्टोरों की जांच की। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर हुई। कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त औषधि आगरा मंडल के नेतृत्व में पांच औषधि निरीक्षक मौजूद रहे। देर शाम टीम चार मेडिकल स्टोर से 25 दवाओं के सैंपल लेकर चली गई।
प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन हेमंत राव के निर्देश पर गुरुवार की शाम सहायक औषधि आयुक्त आगरा मंडल पीके मोदी के नेतृत्व में टीम भोगांव पहुंची। टीम ने हाजी मेडीकल स्टोर पर एविल, कांपोज, एलप्राजोलम सहित कई नशीली दवाएं एवं इंजेक्शन भारी मात्रा में बरामद किए। जब सहायक आयुक्त मोदी ने दवाओं की बिक्री के बारे में जानकारी मांगी तो मेडिकल स्टोर संचालक कोई जानकारी नहीं दे सके। सहायक आयुक्त ने बताया कि नशीली दवाएं प्रतिबंधित नहीं हैं। इन दवाओं का दुरुपयोग होता है। युवा नशा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। इसे रोकने के लिए दवाएं सिर्फ डाक्टर के पर्चे पर ही दी जा सकती हैं। पर्चा की छाया प्रति मेडिकल स्टोर संचालक को रखनी होती है।
सहायक आयुक्त ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक शराफत हुसैन के खिलाफ केस आगरा में स्थित स्पेशल कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा। टीम ने वशु मेडिकल स्टोर, रजा मेडिकल स्टोर और यश मेडिकल स्टोर से भी सैंपल लेकर जांच को भेजे। वहीं यश मेडिकल स्टोर पर दवाओं के बिल प्रस्तुत न करने पर 10 हजार रुपये की दवाओं की बिक्री रोक दी। सहायक आयुक्त ने कहा कि सैंपल की रिपोर्ट यदि फेल होती है तो कार्रवाई की जाएगी। टीम में ड्रग इंस्पेक्टर मैनपुरी मुकेश पालीवाल, फीरोजाबाद अमित बंसल, आगरा रमेश यादव, मथुरा दीपक कुमार, हाथरस पूरन सिंह, कासगंज राजकुमार शर्मा भी शामिल थे।