गड्ढों में तब्दील हो गईं शहर की सड़कें।
सत्ता परिवर्तन का असर अब ऐसे विभागों पर भी देखने को मिल रहा है जिनके अधिकारी कभी-कभी ही फील्ड में नजर आते थे। मुख्यमंत्री के एक आदेश ने अब ऐसे ही विभागों के अधिकारियों को गांवों की धूल फांकने के लिए मजबूर कर दिया है। यह आदेश है जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का। आदेश मिलने के बाद अब अधिकारी शहर से लेकर देहात तक ऐसी सड़कों को चिह्नित करने का काम शुरू कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए थे कि प्रदेश की सभी सड़कों को 15 जून तक गड्ढा मुक्त कर दिया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिए गए थे। निर्देश मिलते ही लोकनिर्माण विभाग से लेकर नगर पालिका, नगर पंचायत और जिला पंचायत तक के अधिकारी अपने मार्गों का निरीक्षण करने निकल लिए हैं। लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीके चौधरी ने बताया कि चुनाव के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की 245 किमी सड़कें गड्ढा मुक्त कराई गई थीं। इसके अलावा 87 राज्य मार्ग व अन्य मार्गों को भी गड्ढा मुक्त कराया गया था। मुख्यमंत्री का निर्देश मिलने के बाद अब फिर से जर्जर सड़कों को चिह्नित करने का काम शुरू हो चुका है। रविवार को लगभग 20 ऐसे मार्गों को चिह्नित कर लिया गया है जो जर्जर हैं। यह काम अभी चार-पांच दिन और चलेगा उसके बाद सही आंकड़ा मिल सकेगा। वहीं शहर में ही नगर पालिका की और लोकनिर्माण विभाग की तीन दर्जन से अधिक मार्ग अभी भी गड्ढा युक्त हैं। एक आंकड़े के अनुसार जिले में एक सैकड़ा से भी अधिक मार्ग ऐसे हैं जो जर्जर हो चुके हैं और उन पर वाहन तो क्या पैदल ही चलना काफी मुश्किल है।
जिले के सभी संबंधित विभागों और निकायों को ऐसी सड़कों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं जो गड्ढा युक्त हैं। चिह्निकरण के बाद उक्त मार्गों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। ताकि मुख्यमंत्री के आदेशों को पूरा किया जाए सके।
-सीपी सिंह, जिलाधिकारी मैनपुरी