मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं को उनके ही अधीनस्थ पलीता लगाने में लगे हैं। इसमें सबसे आगे हैं विभिन्न निकायों के अधिकारी। इसकी बानगी यह है कि अभी तक आगरा मंडल के चार जिलों की 30 नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों ने गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए की गई कार्रवाई तक की जानकारी शासन को नहीं भेजी हैं। इसे लेकर निदेशक स्थानीय निकाय ने फटकार लगाते हुए प्रतिदिन शासन को जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में भाजपा सरकार ने 19 मार्च को शपथ ली थी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में आदेश दिया था कि 15 जून तक सूबे की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। इस पर सभी निकायों के अलावा अन्य संबंधित विभागों से भी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। इस निर्देश को दिए करीब दो माह बीत गए हैं। इसके बाद भी अभी तक आगरा मंडल के चार जिलों की 30 नगर पंचायतों ने अभी तक अपने स्वामित्व वाली सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के संबंध में कोई जानकारी शासन को नहीं भेजी हैं। इनमें सर्वाधिक 14 नगर पंचायतें शामिल हैं। इसके अलावा सात नगर पंचायत मैनपुरी की, छह नगर पंचायतें आगरा की और तीन नगर पंचायतें फिरोजाबाद जिले की शामिल हैं। उक्त नगर पंचायतों के ईओ को निदेशक स्थानीय निकाय विशाल भारद्वाज ने पत्र भेजकर कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही तत्काल इस संबंध में कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं उक्त निकायों के ईओ को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन मेल भेजकर इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी देंगे।
यह हैं 30 नगर पंचायतें
मैनपुरी। जिन नगर पंचायतों ने अभी तक शासन को जानकारी नहीं भेजी है। उनमें आगरा की बाह, दयालबाग, स्वामीबाग, पिनाहट, जगनेर, किरावली। मथुरा की वृंदावन, कोसीकलां, गोवर्धन, बल्देव, गोकुल, महावन, नंदगांव, बाजना, चौमुंहा, बरसाना, छाता, राधाकुंड, सौंख व राया। मैनपुरी की करहल, बेवर, भोगांव, कुसमरा, किशनी, घिरोर, ज्योंति खुड़िया। फिरोजाबाद की जसराना, फरिहा और एक नगर पंचायत शामिल हैं।