थाना कोतवाली क्षेत्र में रात में कच्चा कमरा ढहने से वृद्ध मलबे में दब गया। कमरा ढहने की आवाज सुनकर परिवारीजन और पड़ोसियों ने मलबे से हटाना शुरू किया। जब तक मलबा हटाया उसमें दबे वृद्ध की मौत हो गई। जानकारी पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित परिवारीजनों और ग्रामीणों ने शव को उठने नहीं दिया। जानकारी पर पहुंचे तहसीलदार सदर के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
थाना कोतवाली के ग्राम संसारपुर निवासी लंकुश शर्मा (58) मेहनत मजदूरी करते थे। उनका पुत्र अवधेश भी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। लंकुश के पास जमीन भी नहीं थी। अंत्योदय कार्ड धारक लंकुश ने कई बार आवास की मांग की लेकिन पक्का आवास नहीं मिला। अवधेश के अनुसार मकान में बने दो कमरों में से एक कमरा दो वर्ष पूर्व ही बारिश में ढह गया था। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ पड़ोस में ही रह रहे चाचा सर्वेश कुमार के कच्चे मकान में रात को सोने लगा।
सोमवार की रात लंकुश कच्चे कमरे में सो रहे थे। रात एक बजे के लगभग अचानक कमरा ढह गया। कमरा ढहने से मलबे में लंकुश दब गए। आवाज सुनकर अवधेश, सर्वेश और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर मलबे को हटाना शुरू कर दिया। जब तक मलबा हटाया लंकुश की मौत हो गई। सुबह जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस गांव पहुंची। परिवारीजनों ने शव का विच्छेदन कराने से इंकार कर दिया। जानकारी पर तहसीलदार सदर रामनाथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिवारीजनों को शासन स्तर से मिलने वाली हर संभव दिलाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार के आश्वासन पर परिवारीजनों ने लंकुश के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
लंकुश की पत्नी गई थी मायके
लंकुश और उनकी पत्नी सुदामा दोनों ही कच्चे कमरे में लेटते थे। अवधेश के अनुसार सोमवार को सुदामा अपने मायके ग्राम सूरजपुर थाना भोगांव गई थी। वहीं लंकुश की मौत की जानकारी होने पर लौटी सुदामा का रो-रोकर बुरा हाल था।