फोटो 46 आंधी की वजह से खेत में गिरा हुआ गेहूं। संवाद
मैनपुरी। जिले में विगत दो दिन हुई बारिश की वजह से गेहूं और आलू को नुकसान पहुंचा है। एक तरफ गेहूं की कटाई का समय बढ़ गया है, वहीं खेतों में खुदाई के बाद रखा हुआ आलू बारिश में भीगने की वजह से सड़ने लगा है। पहले से ही आर्थिक तंंगी झेल रहा किसान की चिंता और बढ़ गई है। कृषि विभाग बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर रहा है। गेहूं कटाई अप्रैल माह के शुरुआत मई माह तक चलता है। इस समय गेहूं कटाई का कार्य जारी है। जनपद में सोमवार और मंगलवार शाम को कई इलाकों में बारिश हुई। किशनी क्षेत्र में कई गांव में ओले भी गिरे। इससे खेतों में खड़ी गेहूं और कटाई के बाद रखे गेहूं के बंडल बारिश में भीग गए। इससे गेहूं को काफी नुकसान भी हुआ और गेहूं में कालापन देखने को मिला। वहीं बारिश से पहले आई आंधी से गेहूं पूरी तरह से जमीन पर बिछ गया। इसके बाद जो थोड़ी फसल सही बची थी उसे बारिश ने खराब कर दिया। बारिश में भीगने की वजह से गेहूं की अब कटाई नहीं हो सकती, जिससे इसकी कटाई का समय बढ़ गया है। गेहूं सूखेगा नहीं तब तक उसे काटना मुश्किल है। ऐसे में किसान को अब उसके सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। इससे कटाई का समय भी अब मई के बाद तक बढ़ गया। गेहूं के साथ बारिश की वजह से आलू का भी काफी नुकसान हुआ है। खेतों में खुदाई के बाद रखा आलू बारिश में भीगने की वजह से सड़ने लगा है। वैसे तो अधिकतर किसानों ने आलू खोदकर कोल्ड स्टोरेज में भेज दिया है। लेकिन अभी भी करीब 10 से 15 प्रतिशत आलू खेतों में है। बारिश में आलू खराब हाेने के कारण किसानों को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह बैठक कर सभी अधिकारियों को बारिश, आंधी और आग लगने से किसानोें की फसल में हुए नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। जिले के सभी कृषि अधिकारी और कर्मचारी किसानों की फसल के नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। उप कृषि निदेशक नरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों को नुकसान का आंकलन करने के लिए भेजा गया है। जांच पड़ताल कर जो भी नुकसान हुआ है। उसके अनुसार किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलवाया जाएगा। इसके लिए जिले में एचडीएफसी अरगो को नामित किया गया है। किसान रजनीश कुमार का कहना है कि आलू के दाम सही न मिलने की वजह से पहले से ही हम आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। ऊपर से बरसात होने की वजह से जो आलू खेतों में था, वह भी खराब हो गया है। किसान गुड्डू ने बताया कि खुदाई के बाद जो आलू खेतों में रखा हुआ था, बारिश की वजह से वह खराब हो गया। सड़ने की वजह से काफी नुकसान हो गया है। आलू अब फेंकना पड़ेगा।