मैनपुरी। पूरे दिन भले ही तेज बारिश नहीं हुई हो, लेकिन दोपहर बाद दो बजे से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने लोगों के चेहरे खिला दिए। देर शाम तक रुक-रुककर हुई रिमझिम बारिश फसलों के लिए संजीवनी बताई जा रही है। हालांकि धान की रोपाई के लिए अभी और बारिश की दरकार है, लेकिन रिमझिम बारिश से खेतों में सूख रही फसलों और धान की नर्सरी को जीवनदान मिला है। रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम सुहावना बना दिया। अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
शुक्रवार को सुबह से ही आसमान पर काली घटाएं छानी शुरू हो गईं थीं। बीच-बीच में हल्की-फुल्की बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। कई बार मौसम के रुख को देखकर ऐसा लगा कि झमाझम बारिश होगी। दोपहर बाद करीब दो बजे अचानक कुछ देर के लिए तेज बारिश के बाद शुरू हुआ रिमझिम बारिश का दौर देर शाम तक जारी रहा। रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने गर्मी से राहत दे दी। अचानक तापमान में आई कमी से सभी खुश नजर आए। कई युवा बाइकों और साइकिलों से रिमझिम बारिश के दौरान सड़कों पर मस्ती करते दिखे।
ग्रामीण क्षेत्रों में रिमझिम बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए। गुरुवार की शाम से ही काली घटाएं छाने और रिमझिम बारिश को मानसून की दस्तक माना जा रहा है। किसानों के अनुसार रिमझिम बारिश से धान की रोपाई भले ही शुरू नहीं की जा सकेगी, लेकिन सूख रहीं अगैती मक्का, चारा, धान की नर्सरी और सब्जियों की सूख रही फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी के समान है। मौसम को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि अब जल्द ही अच्छी बारिश होगी।