प्रदेश में निजाम बदलते ही राशन कार्डों से समाजवादी चेहरा भी हट गया है। सरकार का आदेश होते ही हरकत में आए विभाग और राशन डीलरों ने उपभोक्ताओं के कार्डों से कवर हटा दिए हैं। राशन वितरण के समय कवर हटाने के बाद उपभोक्ताओं को राशनकार्ड का शेष हिस्सा तथा स्लिप थमा दी है। राशन कार्ड की जगह स्मार्ट कार्ड बनाने के संबंध में शासन से अभी कोई गाइड लाइन विभाग को नहीं मिली है।
सपा शासन में राशनकार्डों पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चेहरा छापा गया था। राशनकार्ड पर समाजवादी चेहरा छापने के पीछे सरकार की मंशा स्पष्ट थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही शासन ने राशनकार्डों से समाजवादी चेहरा हटाने के निर्देश दिए। शासन का निर्देश मिलते ही राशन डीलर और पूर्ति विभाग हरकत में आ गया। राशन वितरण के समय उपभोक्ताओं द्वारा लाए गए राशनकार्डों को राशन डीलर ने जमा करके राशन कार्ड से समाजवादी चेहरा हटा दिया। उपभोक्ताओं को राशन कार्ड के कवर हटाकर राशन कार्ड का शेष हिस्सा तथा एक स्लिप दे दी गई है। कई डीलरों ने उपभोक्ताओं के राशनकार्ड ही जमा कर लिए हैं। उनको राशन लेने के लिए एक स्लिप दे दी गई है।
4.25 लाख हैं राशनकार्ड
जिले में 4.25 लाख कार्डधारक हैं, जिनमें पात्र गृहस्थी योजना के 2.50 लाख, अंत्योदय के 48 हजार तथा एपीएल के 1.27 लाख कार्डधारक शामिल हैं।
शासन के निर्देश पर राशनकार्डों से मुख्यमंत्री का चेहरा हटाया गया है। राशनकार्ड के स्थान पर स्मार्ट कार्ड बनाने के संबंध में शासन से विभाग को अभी तक गाइड लाइन नहीं मिली है। गाइड लाइन मिलते ही स्मार्टकार्ड बनाने के संबंध में काम शुरू किया जाएगा।
- विकास गौतत, जिला पूर्ति अधिकारी