जिले में तेजी से बढ़ती समस्याओं का तहसील दिवस, समाधान दिवस में भी निस्तारण नहीं हो पा रहा है। अब शासन ने नई योजना तैयार की है जिसके तहत जिन क्षेत्रों से अधिक शिकायतें आती हैं वहां की जिम्मेदारी सीओ, एसडीएम, एडीएम, डीएम को दी गई है वो हर माह में उन क्षेत्रों का दौरा कर समस्या का निवारण करेंगे।
प्रदेश सरकार ने तहसील दिवस, थानों में समाधान दिवस, नगर पालिकाओं में समाधान दिवस के आयोजन के अलावा किसान दिवस का भी आयोजन होता है। इनका उद्देश्य लोगों की शिकायतों का निस्तारण एक ही स्थान पर करना है। इसके बाद भी शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़ती जा रही है। अब सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में जिला और तहसील स्तरीय अधिकारी अपने क्षेत्रों में ऐसे गांवों, ब्लाकों या वार्डों को चिह्नित करेंगे जहां से सर्वाधिक शिकायतें आती हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी महीने में दिन निर्धारित कर वहां जाएंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर वहां से शिकायतें अधिक क्यों आती हैं और उनका निस्तारण कैसे किया जा सकता है। सीओ, एसडीएम मिलकर ऐसे गांवों को चिह्नित करेंगे। वहीं एडीएम जिले के तीन गांवों और एक निकाय को चिह्नित करेंगे जहां से सर्वाधिक शिकायतें आती हैं। वहीं निकायों के ईओ संबंधित वार्डों को चिह्नित कर वहां का नियमित निरीक्षण करेंगे। इसी तरह जिलाधिकारी अपने जिले के चार स्थानों को चिह्नित कर वहां की समस्याओं और विकास कार्यों का निरीक्षण नियमित रूप से करेंगे।
शासन से पत्र मिल चुका है। निर्देशों के अनुसार उस पर अमल शुरू कर दिया जाएगा। ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जाएगा जहां से सर्वाधिक शिकायतें आती हैं।
- लोकेश एम, जिलाधिकारी