बिजली कटौती का गुस्सा राहगीरों पर उतरा
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मंगलवार सुबह आठ बजे ज्योंति रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र के बाहर सौ से अधिक लोगों ने जाम लगा दिया। साथ ही उपकेंद्र पर ताला डाल दिया। कर्मचारी पहले से ही वहां से खिसक लिए। इस दौरान वहां से जो भी गुजरा उसी से आक्रोशित लोगों ने मारपीट की। यही नहीं मौके पर पहुंचे अधिकारियों के साथ भी गुस्साए लोगों ने अभद्रता की। लोगों में पिछले कई दिनों से हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से आक्रोश था। अधिकारियों के काफी समझाने के बाद लोगों ने तीन घंटे बाद जाम खोला। तब कहीं जाकर लोगों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि ज्योंति रोड पर 33 केवी का विद्युत सब स्टेशन है। फीडर से कई ग्रामों में विद्युत सप्लाई की जाती है। फीडर पर ओवरलोडिंग और अघोषित बिजली कटौती के चलते ग्राम गढेरी, नगला भंत, परौंख, रुरिया ग्रामों के ग्रामीण परेशान हैं। वे कई बार इस समस्या से निजात दिलाने की मांग अधिकारियों से कर चुके हैं। मंगलवार सुबह बड़ी तादाद में उपकेंद्र के बाहर ग्रामीण जमा हो गए। उन्होंने सब स्टेशन के बाहर जाम लगा दिया। विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लो-वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती की समस्या को दूर करने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी मिल मालिकों से रुपया लेकर ग्रामों में दी जाने वाली बिजली की सप्लाई मिलाें में दे रहे हैं। इसके चलते फीडर से जुडे़ सभी ग्रामों में विद्युत आपूर्ति का संकट खड़ा हो रहा है।
ग्रामीण अनिल कुमार ने बताया कि बिजली न आने से उनकी फसल सूख रही है। उपकेंद्र पर सुबह 8:30 बजे से लगे जाम के चलते यहां वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस बीच राहगीरों और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। अधिशासी अभियंता एके पांडेय और इंस्पेक्टर कोतवाली के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने तीन घंटे बाद जाम खोल दिया।