हरियाली तीज पर शुक्रवार को महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर हरे परिधानों में उल्लास दिखाया। बाजारों में भी भीड़ नजर आई। हाथों में मेहंदी लगाए ढोलक की थाप पर मल्हार गाई और जमकर थिरकी।
रक्षाबंधन से पूर्व हरियाली तीज का त्योहार जिले भर में उल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। कजरी और मल्हार के स्वर छेड़े तो देहातों मेें पेड़ों पर पड़े झूलों पर किशोरियां और युवतियां झूलीं। घरों मेें सिवइयां बनाईं गईं और तीज पर भगवान शिव और पार्वती की पूजा अर्चना की गई।
महिला एवं बाल उत्थान समिति की सचिव सीमा शुक्ला के खरगजीत नगर स्थित आवास पर हरियाली तीज पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से हथेलियों पर आकर्षक मेंहदी रचाई और सावन के गीत गाए। कजरी और मल्हार के स्वरों के बीच महिलाएं थिरकी भी। करीब दो घंटे तक महिलाओं और युवतियों ने जमकर मस्ती की। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति की सचिव सीमा शुक्ला ने शिव-पार्वती की पूजा अर्चना कर किया। नीलम मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद संजू मिश्रा ने झूला तो पड़ गयो अमुआ की डार पे जी गीत गाया तो महिलाओं ने उनके सुर में सुर मिलाया। सीमा शुक्ला ने तीजन चर्चा ऐरी मेरी बहना हुय रही जी गाकर सभी को झुमा दिया।
ढोलक की थाप पर प्रतिमा ने सावन आयो झूला डालो बाग में जी गाकर कार्यक्रम को सावनमय बना दिया। सुमन पालीवाल ने सावन गीत हरियल हरियल ऐरी मेरी बहना रस भरी जी प्रस्तुत किया। कजरी और मल्हारों के स्वर काफी देर तक गूंजते रहे। रोय-रोय पाती रुक्मणी लिख रही जी और भोली सुरतिया के मेरे वीर, सावन में जोगी हुय गए जी के बीच महिलाएं और युवतियां जमकर थिरकीं। महिलाओं ने मिट्टी की भगवान शिव और पार्वती की मूर्ति बनाकर पूजा अर्चना की। कार्यक्रम में पप्पी गुप्ता, सुनीता पांडेय, मीनेश मिश्रा, तारो देवी, रामबेटी, सुमिश्रा, सोनी मिश्रा, गीता दुबे, बॉवी पांडेय, शीला, प्रियंका आदि शामिल थीं।
खूब पहनी गईं हरी चूड़ियां
हरियाली तीज पर महिलाओं और युवतियों ने मेंहदी और सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की जमकर खरीदारी की। बजरिया की करीब आधा दर्जन चूड़ी की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की गहमा-गहमी नजर आई। चूड़ी विक्रेताओं के अनुसार हरी चूड़ियों की सर्वाधिक मांग रही। साथ ही महिलाएं मेंहदी के अलावा नेल पालिश, पाउडर, क्रीम, बिंदी, बालों के क्लेचर आदि भी खरीदती नजर आईं।