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Mainpuri News: आलू की भरपूर पैदावार, सभी शीतगृह होंगे फुल

Sat, 24 Jan 2026 02:51 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
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फोटो 41 खेत में आलू की खोदाई करते किसान। संवाद
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मैनपुरी। वसंत पंचमी से शीतगृह संचालकों ने आलू भंडारण का शुरू किया। हालांकि शीतगृहों में सबसे ज्यादा आलू फरवरी के पहले सप्ताह से आना शुरू होता है। इसके लिए शीतगृह संचालकों ने तैयारियां अभी से ही शुरू कर दी हैं। इस वर्ष आलू का उत्पादन बंपर मात्रा में हुआ है। ऐसे में जनपद के अधिकतर शीतगृह के फुल होने की उम्मीद है। वहीं पिछले वर्ष की अपेक्षा किसानों को आलू भंडारण के लिए करीब 20 रुपये कुंतल का अतिरिक्त भार चुकाना पड़ सकता है।अधिकतर शीत गृहों में आलू का भंडारण फरवरी के पहले हफ्ते से शुरू होता है, लेकिन वहीं कई शीतगृह संचालक वसंत पंचमी से इसका मुहूर्त कर देते हैं। ऐसे में कुछ किसान अपने आलू का भंडारण करना भी शुरू कर देते हैं। इस बार किसानों ने कच्ची और पक्की आलू की फसल की खोदाई एक साथ की है, इसकी वजह से बाजार में अत्यधिक मात्रा में आलू पहुंच गया है। ऐसे में आलू का भाव किसानों को सही से नहीं मिल पा रहा है, दरअसल अक्टूबर में हुई बरसात की वजह से फसल बुवाई में देरी हो गई थी। पहले से ही आलू पर मंदी की मार झेल रहे किसानों को कोल्ड स्टोर में भंडारण के लिए करीब 20 रुपये अधिक वहन करने पड़ेंगे। शीतगृह संचालकों की मानें तो पिछले वर्ष 260 रुपए प्रति कुंतल आलू भंडारण का भाव था, जो इस बार 280 रुपए प्रति कुंतल तक पहुंच सकता है।शीतगृह संचालक प्रदीप चौहान राज ने बताया कि इस साल रुपये में बढ़ोतरी इसलिए की गई है, क्योंकि पल्लेदारी, ट्रांसपोर्ट, वेतन और बिजली का खर्चा भी बढ़ गया है। इसकी वजह से प्रति कुंटल में करीब 20 की बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस बार आलू की पैदावार लक्ष्य से 20 प्रतिशत ज्यादा है। ऐसे में जनपद में संचालित होने वाले करीब 55 से 60 शीतगृह खाली नहीं रहेंगे। ज्यादातर शीतगृह में आलू का भंडारण सीमित मात्रा के अनुसार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए उन्हें वारदाना उपलब्ध कराया जाएगा, इसके साथ ही आलू की लोडिंग लिफ्ट के माध्यम से होगी, जिससे कम लेबर लगेगी और काम ज्यादा होगा। उद्यान विभाग के अनुसार आलू की पैदावार का कोई लक्ष्य नहीं दिया था, लेकिन करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि में आलू की फसल की गई है। एक हेक्टेयर में करीब 312 कुंटल आलू की पैदावार होती है। ऐसे में करीब 60 लाख कुंतल से ज्यादा की पैदावार का अनुमान है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) मुकेश यादव का कहना है कि इस साल किसानों का आलू सस्ता है। ऐसे में कोल्ड स्टोर संचालक उनसे भंडारण के लिए अधिक दाम कैसे ले सकते हैं। किसानों की फसल का उनको बाजार में सही भाव नहीं मिलता, ऊपर से भंडारण में अगर रेट बढ़ा दिए जाएंगे तो किसान और परेशान हो जाएगा। अगर ऐसा होता है तो हम इसका विरोध करेंगे।
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