बढ़ रहे खांसी, निमोनिया और हार्ट के रोगी
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थाना कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी अनुराधा (55) के अचानक पेट में दर्द होने लगा। परिवारीजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डाक्टरों से गैस पेन बताते हुए उपचार देना शुरू कर दिया। उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।
वहीं कोतवाली के मोहल्ला सरावग्यान निवासी जायदा (82) और कोतवाली के मोहल्ला महमूदनगर निवासी शमा (25) को भी पेट दर्द होने से गंभीर हालत देख सैफई रेफर कर दिया। नौ का इलाज आपातकालीन कक्ष में चल रहा है।
जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह के अनुसार दूषित खानपान से पेट में दर्द और पेट फूलने लगता है। यदि समय से सही उपचार न मिले तो यह जानलेवा साबित हो जाता है। कुशल चिकित्सक से उपचार न मिलने के चलते पेट दर्द के रोगी को फूड प्वाइजनिंग भी हो जाता है। वहीं पेट दर्द के दौरान ब्रूफेन तथा बैट्नीसोल का सेवन अधिक समय तक करने से पेट में अल्सर बन जाते हैं। ऐसे में खानपान में सुधार कर कुशल चिकित्सक से ही परामर्श लेना चाहिए।