शिक्षा विभाग के अधिकारी अब निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति नहीं कर सकेंगे। शासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों का निरीक्षण के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। निरीक्षण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
शासन के सचिव ने एडी बेसिक और बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि करोड़ों रुपये शिक्षा पर खर्च करने के बाद भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा।
शासन ने नियमित निरीक्षण कराने का निर्णय लेते हुए सभी अधिकारियों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। शैक्षिक सत्र 2015-16 में जनपद के प्रत्येक प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय का कम से कम दो बार अवश्य निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारी कक्षाओं में पठन-पाठन प्रक्रिया एवं शिक्षा के स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनका विवरण अधिकारियों को प्रपत्र में भरना होगा। पूरे जनपद की निरीक्षण आख्याओं को संकलित कर उसकी सूचना शासन को भेजी जाएगी।
निरीक्षण का मासिक कोटा
एडी बेसिक प्रति माह कम से कम 10 विद्यालय, बीएसए 10 विद्यालय, खंड शिक्षाधिकारी 20 विद्यालय और एबीआरसी कम से कम 10 विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे।
इन बिंदुओं पर रहेगा विशेष ध्यान
शासन ने निरीक्षण के लिए एक प्रपत्र भी तैयार किया है। इसमें विद्यालय के नाम से लेकर क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी का नाम, कक्षा में छात्रों की उपस्थित, भवन की स्थिति, विद्युतीकरण, शौचालय, चाहरदीवारी, श्यामपट, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक, ड्रेस, छात्रवृत्ति, प्रार्थना, पाठ योजना, गणित विज्ञान और अंग्रेजी विषयों के प्रश्न पूछे जाएंगे।
संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जानाकरी दे दी गई है। शीघ्र ही निरीक्षण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। निरीक्षण आख्या प्रपत्र में भरकर शासन को भेजी जाएगी।
रामकरन यादव, बीएसए, मैनपुरी