आयकर विभाग ने ढाई हजार लोगों को रडार पर ले लिया है। सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। करीब 800 लोगों को तो नोटिस जारी भी कर दिए गए हैं। इन लोगों ने 30 सितंबर तक इनकम डिक्लेरेशन स्कीम में अपना पंजीकरण नहीं कराया तो घरों पर छापा भी पड़ सकता है। आयकर अधिकारियों ने छापेमारी की भी पूरी तैयारी कर ली है।
जिले में कुछ सालों में नवधनाड्यों की संख्या जिस तेजी से बढ़ी है उसके अनुपात में आयकर भरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई है। आयकर विभाग की जांच के दायरे में वित्तीय वर्ष 2010-11 के बाद से अब तक वित्तीय लेन देन करने वाले आ रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में संपत्ति की खरीद फरोख्त की है या फिर एक महीने में बचत खाते में एक लाख से अधिक का लेनदेन और करंट एकाउंट में दस लाख से अधिक का लेनदेन करने वालों को नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार ने आईडीएस (इनकम डिक्लेरेशन स्कीम ) में पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 सितंबर घोषित कर दी है। स्कीम में सरकार ने ऐसे लोगों को पंजीकरण कराने का मौका दिया है जिन्होंने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है। आयकर भी नहीं भरा है। आईडीएस के तहत अघोषित आय घोषित की जा सकती है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार बहुत कम लोगों ने इस योजना में आवेदन किया है। आयकर अधिकारी अनिल कुमार पटेल ने बताया कि जिले में लगभग 25 सौ लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। संबंधित लोगों ने आईडीएस के तहत 30 सितंबर तक पंजीकरण नहीं कराया तो सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुआवजा राशि से संपत्ति खरीदने वाले भी निशाने में
मैनपुरी। आयकर अधिकारी ने बताया कि विभिन्न योजनाओं में अधिग्रहित जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे पर तो कोई टैक्स नहीं है लेकिन उस राशि से यदि कोई जमीन आदि की खरीद की जाती है तो उस पर टैक्स बनता है। ऐसे में मुआवजा राशि से खरीद फरोख्त करने वालों को भी टैक्स के दायरे में लाया जाएगा।
प्रापर्टी डीलरों पर विशेष निगाह
मैनपुरी। कुछ वर्षों में जिले में बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीद फरोख्त का काम हुआ है। इसके चलते विभाग प्रापर्टी डीलिंग का कार्य करने वालों पर विशेष निगाह रखे हुए हैं। ऐसे लोगों के बैंक एकाउंट आदि की भी जानकारी की गई है।