मरीज इतने की पलंग भी पड़ गए कम
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लगातार बढ़ रही गर्मी के चलते संक्रामक रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। इसके चलते जिला अस्पताल में दवाओं से लेकर बेड तक कम पड़ने लगे हैं। सोमवार को एक हजार से अधिक रोगी पहुंचे। इनमें से गंभीर हालत में दोपहर तक 30 को इमरजेंसी में और 105 को कई वार्डों में शिफ्ट कराया गया। वहीं कुछ रोगी जमीन पर लेटकर बैड खाली होने का इंतजार करते नजर आए।
सोमवार को जिला अस्पताल में 1023 रोगी ओपीडी में पहुंचे। इसके चलते पर्ची काउंटर से लेकर दवा वितरण तक लाइन लगी नजर आई। वहीं इनमें से डायरिया, बुखार, फूड प्वाइजनिंग के 30 को इमरजेंसी में और 105 रोगियों को विभिन्न वार्डों में भर्ती कराया गया। इसके चलते 100 बैड के जिला अस्पताल में जगह ही कम पड़ गई। रोगी अधिक आने के चलते हृदय रोग विभाग में रोगियों को शिफ्ट कराया गया। वहीं कुछ रोगियों ने तो प्राइवेट रूम भी लिए। इतना ही नहीं कुछ रोगी जमीन पर लेटकर बैड खाली होने का इंतजार करते नजर आए।
यही नहीं जिला अस्पताल में इस समय दवाओं का भी टोटा है। सोमवार को उपचार कराने आईं रहीसा बेगम ने बताया कि पेशाब में जलन पड़ती है। डाक्टर ने अल्कासोल सीरप लिखा। दवा काउंटर पहुंचे तो पता चला कि खत्म हो गया है। रूबी ने बताया कि वह अपने बच्चे दस्त होने पर दिखाने आई थी। यहां उन्हें बच्चों वाला दस्त का सीरप नहीं मिला। इतना ही नहीं खांसी का सीरप भी नहीं है। जिला अस्पताल में एक भी एक्सट्रा काउंटर नहीं खोला गया है। इससे रोगियों को लंबी लाइन में लगकर दवा लेनी पड़ रही है। वहीं जिला अस्पताल में कंट्रोल रूम भी नहीं खोला गया है।
जिला अस्पताल में जिन दवाओं का स्टाक कम है उनके लिए कह दिया गया है वो जल्द ही आ जाएंगी। खांसी और दस्त की टेबलेट की मात्रा सही है।
- एके उपाध्याय, सीएमएस
उमस भरी गर्मी ने किया बेहाल
सोमवार की सुबह से उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। अधिकतम तापमान बढ़कर 44.3 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। सोमवार सुबह 10 बजे से सूर्यदेव ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। अभी तक के मौसम में सोमवार का दिन सबसे अधिक उमस भरी गर्मी वाला रहा। दोपहर बाद बढ़ी गर्मी का असर बाजारों में भी नजर आया। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल से आने वाले बच्चों को हुई।