‘मुखिया’ के तोहफे की बेकदरी की फिक्र न स्थानीय नेतृत्व को और फिर से सत्ता में आई सरकार को है। मैनपुरी की कैंसर यूनिट इसका उदाहरण है। सपा अध्यक्ष के दूसरे घर के रूप में पहचान बनाए मैनपुरी के नाम के साथ कैंसर का जख्म भी जुड़ा है। देश में मुंह और गले सर्वाधिक कैंसर रोगी यहीं हैं। 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने यहां कैंसर यूनिट की स्थापना कराई।
यूनिट बनकर तैयार हुई सत्ता बदल गई और यूनिट शुरू नहीं हुई। सपा फिर से सत्ता में आई तो सरकार की कमान दूसरी पीढ़ी यानी अखिलेश यादव के हाथ में आ गई। मैनपुरी की राजनीतिक विरासत तीसरी पीढ़ी (सांसद तेज प्रताप सिंह) ने संभाल ली। विधान सभा से लेकर लोकसभा तक सपा का दबदबा पर कैंसर यूनिट की सुध किसी को नहीं। दर्द से तड़फते कैंसर मरीज दम तोड़ रहें हैं और इलाज करने वाली यूनिट पर ताला लटका है।
जिला अस्पताल में हर साल में 180-190 मरीज सामने आते हैं, जिन्हें आगरा, सैफई और ग्वालियर रेफर किया जाता है। एसएन मेडिकल कालेज आगरा में गत वर्ष मैनपुरी के 35 कैंसर रोगियों का इलाज किया गया। इससे पहले 2013 में 32 का उपचार किया गया। अकेले गांव ललूपुर मुढ़ौली में ही पिछले सात साल में चालीस युवकों की मौत कैंसर के कारण हुई। 2012 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में भी मुंह और गले के कैंसर के सर्वाधिक रोगी मैनपुरी में बताए गए थे। रिपोर्ट में सबसे बड़ा कारण तंबाकू सेवन को माना गया है।
आठ साल पूर्व दस करोड़ रुपये की लागत से सीमेंस कंपनी ने यूनिट का निर्माण शुरू किया, जो 2008 में पूरा हो गया। यूनिट में लाइनिया ऐसीलेटर, आस थ्रीडी तथा जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन भी स्थापित करा दी गई। डोजी मीटर और कवालिटी एस्योरेंस इक्विपमेंट मशीन नहीं लगी है। भाभा अनुसंधान केंद्र से लाइसेंस भी अभी नहीं मिला है। वर्ष 2013 में प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल ने जिले में कैंसर यूनिट शुरू कराने के निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव के निर्देश पर लखनऊ से कार्यदायी संस्था के अधिकारी और सैफई से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी पहुंची। टीमों ने दो-तीन बार निरीक्षण किया लेकिन यूनिट शुरू नहीं हो सकी।
कैंसर यूनिट अभी सीमेंस ने विभाग को हस्तांतरित नहीं की है। यूनिट में लगी कुछ मशीनें भी अभी काम नहीं कर रही हैं। भाभा अनुसंधान केंद्र से एनओसी भी नहीं मिली है। एनओसी मिलने और मशीनों का संचालन होने पर ही कैंसर यूनिट विभाग को हस्तांतरित होगी। मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है।
डाक्टर वीके गुप्ता, सीएमओ मैनपुरी
कैंसर यूनिट को जल्द संचालित करने के लिए प्रयास जारी हैं। कैंसर यूनिट के लिए चिकित्सक व अन्य पद सृजित होने हैं। बजट भी अवमुक्त होना है। कैंसर यूनिट को जल्द शुरू कराने के लिए पत्र भेजा है और इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी बात की गई है। राजकुमार यादव विधायक सदर