भगवान परशुराम की जयंती रविवार को धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान भव्य शोभायात्रा आकर्षक झांकियाें व बैंडबाजों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। वहीं झांकियां लोगों का आकर्षक का केंद्र बनी रहीं।
खरगजीत नगर स्थित ब्राह्मण समाज धर्मशाला से शोभायात्रा पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई देवी रोड स्थित पुरंग शिशु मंदिर पर पहुंचकर सभा के रूप में परिवर्तित हो गई। शोभायात्रा में जहां एक रथ पर भगवान परशुराम की तस्वीर विराजमान थी, वहीं अन्य झांकियां भी साथ-साथ चल रही थीं। भक्तिगीतों पर युवा थिरकते हुए चल रहे थे। जगह-जगह शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा हुई। इससे पूर्व धर्मशाला में हवन पूजन हुआ।
पिलाया शीतल पेय
शोभायात्रा में शामिल लोगों का प्रमुख मार्गों पर दो दर्जन से अधिक स्थानों पर लोगों ने स्वागत किया। कई जगह शीतल पेय वितरित किया। पूर्व मंत्री जयवीर सिंह, पूर्व विधायक अशोक चौहान, चेयरमैन साधना गुप्ता ने स्टाल लगाई।
चेकिंग को लेकर हंगामा
शोभायात्रा में शामिल समाज के लोगों के लाइसेंसी शस्त्र जब जनसभा स्थल के बाहर पुलिस ने चेक किए तो हंगामा हो गया। लोगों के विरोध के चलते पुलिस को अपने कदम खींचने पड़े।
‘महापुरुषों की विचारधारा पर अमल करने की जरूरत’
मैनपुरी। शोभायात्रा की समाप्ति के बाद देवी रोड स्थित पुरंग शिशु मंदिर में जनसभा का आयोजन किया गया। सभा में बोलते हुए विशिष्ट अतिथि डा. अनुपम दुबे ने कहा कि ब्राह्मण संगठित होकर वोट की कीमत समझे। महापुरुषों की जयंती मनाने के साथ ही उनकी विचारधारा पर अमल करने का संकल्प लेने की जरूरत है। पूर्व एमएलसी रामनरेश अग्निहोत्री ने कहा कि ब्राह्मण हित चिंतन ही संगठन का उद्देश्य है। पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने कहा कि हमें अपने गौरवशाली अतीत पर चिंतन करना होगा कि आज हमारी दशा क्या है। उमेश दुबे ने भी विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक डा. सौरभ मिश्रा ने कहा कि एक आह्वान पर ही ब्राह्मणों ने जो उत्साह दिखाया है वह तारीफ के काबिल है। कार्यक्रम में व्यवस्थापक सुभाष मिश्रा, रामकुमार तिवारी, श्याम कुमार तिवारी, देवेंद्र किशोर मिश्रा, अन्नू दीक्षित, आशीष पांडेय, आशू मिश्रा, राहुल दुबे, राहुल चतुर्वेदी, मन्नीला चौबे, मधु मिश्रा, अनिल पालीवाल, दिगेंद्र मिश्रा, संजीत गौड़, शरद पचौरी, सुमित पांडेय आदि मौजूद थे। अध्यक्षता राम गोपाल मिश्रा और संचालन अनुराग दुबे ने किया। कार्यक्रम में मेधावियों और शहर में बेहतर काम करने वालों को परशुराम का चिन्ह सम्मान स्वरूप दिया गया।