आगरा में आईएसबीटी के पास हुए सड़क हादसे में मैनपुरी के युुवक योगेंद्र की भी मौत हो गई। वह यहां एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता था और रविवार को आगरा में मीटिंग में भाग लेने के लिए गया था। सूचना मिलते ही यहां से उसका भाई आगरा के लिए रवाना हो गया है। योगेंद्र पांच भाई बहनों में सबसे छोटा था। पिछले वर्ष ही उसके पिता की मौत हुई थी।
शहर के राधारमन रोड स्थित डीएन कालोनी में योगेंद्र सिंह चौहान परिवार के साथ रहता था। उसके पिता स्वर्गीय हरनाथ सिंह चौहान की पिछले साल ही मौत हुई है। वह एलआईयू में सब इंस्पेक्टर थे। योगेंद्र यहां अपनी मां और दो भाइयों के साथ रहता था। परिवार में उसकी मां रन्नो देवी व उसके अलावा दो भाई और दो बहनें भी हैं। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। वहीं एक भाई वकील और दूसरा फौज में हैं। वह यहां एक निजी फाइनेंस कंपनी में मार्केटिंग में काम करता था। परिवार वालों ने बताया कि रविवार को उसकी आगरा में मीटिंग थी। इसके चलते ही सुबह वह घर से निकला था और शाम तक आने की कह गया था। दोपहर में हादसे में उसकी मौत की सूचना आ गई। जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पड़ोसियों ने बताया कि योगेंद्र की मां की तबियत खराब रहती है। यही कारण है कि उन्हें योगेंद्र की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। सिर्फ यही बताया गया है कि वह घायल हो गया है। जबकि हादसे की जानकारी होते ही कालोनी के लोग उसके घर पर एकत्रित होने लगे थे।