विभागों में चल रही हड़ताल से कामकाज ठप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सरकारी कार्यालयों में चल रहा हड़ताल का सिलसिला निरंतर जोर पकड़ता जा रहा है। एक सप्ताह से विभिन्न विभागों में हो रहे कार्य बहिष्कार ने सरकारी सेवाएं प्रभावित हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। साथ ही लखनऊ में जारी भूख हड़ताल में शामिल होने जिले से संविदा कर्मी रवाना हो गए। हड़ताल से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा रही हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डा. राकेश कुमार ने कहा कि हमारी मांगों की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन में डा. डा. एलआर सिंह, डा. मनीष कुमार, राकेश कुमार, डा. अंबरीश यादव, डा. एसपी सिंह, मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, महिला प्रभारी शीबा मसीह, आशू यादव आदि मौजूद रहे।
15 हजार मानदेय पर अड़ीं आशा
प्रभारी चिकित्साधिकारियों पर सुविधा शुल्क मांगने के आरोप लगाने के साथ ही 15 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ता आठ दिन से धरना प्रदर्शन कर रही हैं।
कलक्ट्रेट में धरना के दौरान आशा राजेश कुमारी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्साधिकारियों द्वारा सुविधा शुल्क मांगी जा रही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर इतनी भी व्यवस्थाएं नहीं है कि रात में किसी प्रसूता को उपचार के लिए ले जाने पर ठहरने के इंतजाम हों। जिला उपाध्यक्ष अखिलेश कुमारी ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को 15 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से समस्याओं का निस्तारण कराए जाने की मांग की है।